गोरखपुर: पिपराइच विधानसभा में मतदाता सूची शुद्धिकरण को लेकर प्रशासन सख्त, ईआरओ ने दिए कड़े निर्देश

लोकतंत्र की मजबूती के लिए शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने के उद्देश्य से 321 पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में तहसील भवन में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, पढिए पूरी खबर

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 13 January 2026, 6:10 PM IST

गोरखपुर: लोकतंत्र की मजबूती के लिए शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने के उद्देश्य से 321 पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में तहसील भवन में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता ईआरओ/अपर उपजिलाधिकारी सदर सुजीत तिवारी ने की। बैठक में विधानसभा क्षेत्र के सभी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।

क्या है पूरी खबर?

जानकारी के मुताबिक, बैठक के दौरान ईआरओ सुजीत तिवारी ने मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत फॉर्म 6, फॉर्म 7 और फॉर्म 8 की प्रक्रिया को विस्तार से समझाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए। इसके लिए बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर गहन सत्यापन करें, ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाए।

  परिवार के किसी सदस्य का नाम अवश्य दर्ज

ईआरओ ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि नए मतदाता का नाम जोड़ते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनके परिवार के किसी सदस्य का नाम अवश्य दर्ज हो। इससे आवेदक की पहचान और निवास की पुष्टि सुगमता से हो सकेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि परिवार के सदस्य का नाम सूची में उपलब्ध है, तो उसका स्पष्ट और सही उल्लेख फॉर्म में किया जाए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की आपत्ति या त्रुटि की संभावना न रहे।

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आवश्यक प्रमाण पत्रों को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश

बैठक में फॉर्म भरने के दौरान आवश्यक प्रमाण पत्रों को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। बताया गया कि फॉर्म 6 के अंतर्गत आयु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र के साथ घोषणा पत्र भरना अनिवार्य है। बिना घोषणा पत्र के किसी भी आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं, फॉर्म 7 के माध्यम से मृत, स्थानांतरित अथवा अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया तथा फॉर्म 8 के जरिए नाम, पता, फोटो या अन्य विवरणों में संशोधन की प्रक्रिया को भी विस्तार से समझाया गया।

ईआरओ ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को चेताया कि मतदाता सूची से संबंधित कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक आवेदन की सघन जांच, सत्यापन और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पूर्ण अनुपालन अनिवार्य होगा।

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बैठक के अंत में ईआरओ/अपर एसडीएम सदर सुजीत तिवारी ने कहा कि शुद्ध और पारदर्शी मतदाता सूची लोकतंत्र की रीढ़ है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा जताई कि वे जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं को मतदान के अधिकार से जोड़ें, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके।

Location : 
  • गोरखपुर

Published : 
  • 13 January 2026, 6:10 PM IST