Gorakhpur: चौरी-चौरा हत्याकांड में 4 दोषियों को मिली ये सजा, कोर्ट ने लगाया इतना जुर्माना

जनपद में वर्ष 2020 में थाना चौरी-चौरा क्षेत्र में दर्ज हत्या के एक सनसनीखेज मामले में सोमवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। न्यायालय एएसजे/यूपीएसईबी कोर्ट गोरखपुर ने चार अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 16 March 2026, 8:47 PM IST

Gorakhpur:  जनपद में वर्ष 2020 में थाना चौरी-चौरा क्षेत्र में दर्ज हत्या के एक सनसनीखेज मामले में सोमवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। लंबी सुनवाई और ठोस साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय एएसजे/यूपीएसईबी कोर्ट ने चार अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 22-22 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के अंतर्गत की गई प्रभावी पैरवी का परिणाम है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में थाना चौरी-चौरा की पुलिस, पैरोकार तथा मॉनिटरिंग सेल की सक्रिय भूमिका के चलते अदालत में मजबूत पक्ष रखा गया, जिससे अभियुक्तों को सजा दिलाने में सफलता मिली।

मामला थाना चौरी-चौरा में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 759/2020 से संबंधित है, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 34, 120बी, 201, 404 और 411 के तहत आरोप तय किए गए थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर चारों अभियुक्तों को हत्या के अपराध में दोषी पाया।

दोषियों की पहचान

सजा पाने वाले अभियुक्तों में रमेश उर्फ रोशन पुत्र छोटेलाल निवासी बेलवा रायपुर पोखरा टोला थाना गुलरिहा, संकेश कुमार पुत्र स्वर्गीय रामाश्रय निवासी महमूदाबाद थाना पिपराईच, रफीक पुत्र मुख्तार निवासी महमूदाबाद थाना पिपराईच तथा कन्हैया उर्फ कन्हई पुत्र गौरीशंकर निवासी मरहठा थाना कैंपियरगंज (हाल पता बहादुरपुर शेखपुरवा थाना चिलुआताल) शामिल हैं।

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दोषियों को मिली ये सजा

न्यायालय ने चारों आरोपियों को हत्या और आपराधिक साजिश सहित अन्य धाराओं में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 22-22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न जमा करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

इस मामले में दोषसिद्धि सुनिश्चित कराने में एजीडीसी श्री रविन्द्र सिंह और एजीडीसी श्री श्रद्धानन्द पाण्डेय की अहम भूमिका रही। दोनों अधिवक्ताओं ने न्यायालय में प्रभावी ढंग से पैरवी करते हुए साक्ष्यों और गवाहों को मजबूती से प्रस्तुत किया।

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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत पुराने और गंभीर आपराधिक मामलों में तेजी से सुनवाई कराकर अपराधियों को सजा दिलाने का प्रयास लगातार जारी है।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 16 March 2026, 8:47 PM IST