खजनी थाना क्षेत्र में रविवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब वार्षिकोत्सव से लौट रही 12 वर्षीय किशोरी रहस्यमय ढंग से लापता हो गई। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों की चिंता बढ़ती गई, वहीं सूचना मिलते ही पुलिस ने भी पूरी रात सघन तलाशी अभियान चलाया… पढ़ें पूरी खबर

लापता हुई 12 वर्षीय किशोरी ( Img: Google)
Gorakhpur: खजनी थाना क्षेत्र में रविवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब वार्षिकोत्सव से लौट रही 12 वर्षीय किशोरी रहस्यमय ढंग से लापता हो गई। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों की चिंता बढ़ती गई, वहीं सूचना मिलते ही पुलिस ने भी पूरी रात सघन तलाशी अभियान चलाया। सोमवार सुबह किशोरी के दिल्ली स्थित अपनी मौसी के घर सुरक्षित पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद परिवार और पुलिस ने राहत की सांस ली।
क्या है पूरी घटना?
जानकारी के अनुसार, रामपुर मलौली गांव की रहने वाली किशोरी रविवार सुबह करीब 10 बजे बघागड़ा स्थित एसएस कॉन्वेंट स्कूल के वार्षिकोत्सव में शामिल होने घर से निकली थी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह स्कूल बस से वापस लौटी और बरडांड चौराहे पर उतर गई। वहां उसने साइकिल लेने की बात कही और पैदल घर की ओर चल पड़ी, लेकिन देर शाम तक उसके घर नहीं पहुंचने पर परिजन चिंतित हो उठे।
रिश्तेदारों और परिचितों के यहां खोजबीन
परिजनों ने पहले अपने स्तर पर आसपास के इलाकों, रिश्तेदारों और परिचितों के यहां खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। स्कूल प्रशासन से संपर्क करने पर पता चला कि किशोरी बस से अपने गांव के लिए रवाना हो चुकी थी। इसके बाद मामला गंभीर देखते हुए खजनी थाने में सूचना दी गई।
सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी जयंत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हो गई। बरडांड चौराहे और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। साथ ही खेतों, नहर किनारे, बाग-बगीचों और सुनसान स्थानों पर रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। कई टीमों को अलग-अलग दिशाओं में लगाया गया और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की गई।
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इसी बीच सोमवार सुबह मामले ने नया मोड़ लिया, जब परिजनों ने पुलिस को बताया कि किशोरी दिल्ली में अपनी मौसी के घर पहुंच चुकी है और पूरी तरह सुरक्षित है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि वह घर की किसी बात से नाराज होकर बिना बताए अचानक मौसी के पास चली गई थी, जिससे पूरी रात परिवार और पुलिस परेशान रही।
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थाना प्रभारी जयंत सिंह ने बताया कि किशोरी को सकुशल परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों की भावनाओं को समझें और उनकी गतिविधियों पर नजर रखें, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। यह घटना न केवल बच्चों की सुरक्षा, बल्कि परिवार के भीतर संवाद और समझ की जरूरत को भी उजागर करती है। फिलहाल, बच्ची के सुरक्षित मिलने से परिवार में खुशी का माहौल है।