
पुलिस के साथ गिरधर बिष्ट (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Ghaziabad: वैशाली से जो मामला सामने आया है, उसने पूरे उत्तर प्रदेश को हैरान करके रख दिया है। अब इस मामले में पुलिस अलग-अलग एंगल से जांच कर रही हैं। हम बात वैशाली सेक्टर-5 में स्थित कल्पना अपार्टमेंट में रहने वाले गिरधर बिष्ट की कर रहे हैं, जो अपनी तेरहवीं के अगले दिन जिंदा वापस आ गया था। इस मामले में पुलिस ने जांच करते हुए खुलासा किया है कि गायब होने के बाद गिरधर बिष्ट पंजाब में स्थित राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा आश्रम में रहने के लिए चला गया था और जब मां की याद आई तो वापस लौट आया।
गिरधर बिष्ट को पुलिस ने 16 मई को जेल भेज दिया था और 21 मई को गिरधर बिष्ट को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया, लेकिन वह घर नहीं लौटा। परिवार ने काफी तलाश के बाद उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इसी बीच 12 जून को मसूरी क्षेत्र की गंगनहर से एक अज्ञात शव मिला। परिजनों ने उसकी पहचान गिरधर के रूप में कर दी। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया और 24 जून को तेरहवीं भी संपन्न हो गई।
शव की पहचान के आधार पर गिरधर की मां ने सीआईएसएफ के एक जवान सहित 7 लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मामले में नामजद 3 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। जबकि परिजनों का आरोप है कि उन्हें छोड़ने के बाद उनकी जानकारी नहीं दी गई। इसी बीच 25 जून को गिरधर अचानक अपने घर लौट आया, जिससे पूरे मामले में नया मोड़ आ गया।
पुलिस पूछताछ में गिरधर ने बताया कि जेल से रिहा होने के बाद वह पंजाब स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम चला गया था। उसने बताया कि बाद में मां की याद आने पर 24 जून को पंजाब से बस पकड़ी और अगले दिन आनंद विहार पहुंचकर घर लौट आया। पुलिस उसके बयान की भी पुष्टि करने में जुटी है।
गिरधर के जीवित लौटने के बाद पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शव की पहचान केवल परिजनों के आधार पर कर ली गई और डीएनए परीक्षण नहीं कराया गया। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गंगनहर से मिला शव आखिर किसका था और पहचान में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?
Location : Ghaziabad
Published : 28 June 2026, 3:12 PM IST