करोड़ों रुपये लिए और 5 बार हुआ भूमिपूजन, फिर भी गाजियाबाद में नहीं बना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, पूर्व IPL चेयरमैन ने उठाए सवाल

गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में प्रस्तावित 450 करोड़ रुपये के इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की परियोजना वर्षों से अटकी हुई है। पांच बार भूमिपूजन के बावजूद निर्माण शुरू नहीं हो सका। पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी ने फंड और देरी पर सवाल उठाए, जबकि जीडीए और यूपीसीए मंजूरी के बाद काम शुरू होने का दावा कर रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 July 2026, 11:21 AM IST

Ghaziabad: गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में प्रस्तावित इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम एक बार फिर चर्चा में है। इस बार इसकी वजह परियोजना की धीमी रफ्तार और पूर्व आईपीएल चेयरमैन की टिप्पणी है। पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से सवाल उठाते हुए कहा कि करीब एक दशक पहले बीसीसीआई की ओर से उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) को 22.60 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक स्टेडियम का निर्माण शुरू नहीं हो सका। उन्होंने परियोजना में कथित "मिडिलमैन" की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।

पांच बार भूमिपूजन, फिर भी जमीन पर काम नहीं

गाजियाबाद का यह प्रस्तावित स्टेडियम वेस्ट यूपी का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम माना जा रहा है। हालांकि, वर्षों में इस परियोजना का कई बार भूमिपूजन और शिलान्यास हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया। अलग-अलग समय पर इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन परियोजना अभी भी कागजों तक सीमित है।

डूब क्षेत्र और फ्लाइंग जोन बनी बड़ी चुनौती

स्टेडियम का प्रस्तावित स्थल राजनगर एक्सटेंशन में हिंडन नदी के डूब क्षेत्र के नजदीक है। इसके अलावा यह इलाका हिंडन एयरबेस के लो-लेवल फ्लाइंग जोन में भी आता है। इन्हीं तकनीकी और नियामकीय कारणों को परियोजना में देरी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

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नए डिजाइन के साथ आगे बढ़ रही योजना

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) ने परियोजना के डिजाइन में बदलाव किया है। संशोधित प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुतीकरण के लिए तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद दोनों संस्थाओं के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे और इसके बाद नक्शा स्वीकृति समेत अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं शुरू होंगी।

450 करोड़ की लागत से बनेगा स्टेडियम

प्रस्तावित स्टेडियम करीब 33 एकड़ (लगभग 200 बीघा) भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसकी दर्शक क्षमता 30 हजार से 40 हजार के बीच होगी। परियोजना का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर प्रस्तावित है। परिसर में करीब 2,500 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 450 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

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मंजूरी के बाद निर्माण की उम्मीद

परियोजना को लेकर जीडीए और यूपीसीए के बीच 50-50 प्रतिशत भागीदारी का प्रस्ताव है। जिसमें जमीन, निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी साझा होगी। प्रशासन का दावा है कि मुख्यमंत्री की अंतिम स्वीकृति मिलते ही एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे और निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो जाएगा।

Location :  Ghaziabad

Published :  2 July 2026, 11:21 AM IST