Prayagraj: प्रयागराज में गंगा-यमुना का रौद्र रूप निचले इलाकों में बढ़ी मुश्किलें, प्रशासन मुस्तैद

लगातार बढ़ रहे गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और राहत एवं बचाव टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। हालांकि, दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 12 July 2026, 5:34 PM IST

Prayagraj: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। शनिवार रात 8 बजे तक यमुना नदी का जलस्तर 71.90 मीटर दर्ज किया गया, जबकि फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 76.27 मीटर और छतनाग में 71.16 मीटर रहा। प्रशासन के अनुसार, यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं, गंगा नदी के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई है, हालांकि शाम तक इसकी बढ़ने की रफ्तार कुछ कम हो गई थी।

खतरे के निशान से अभी नीचे हैं दोनों नदियां

अधिकारियों के मुताबिक, गंगा और यमुना दोनों नदियां अभी 84.734 मीटर के खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं। इसके बावजूद प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारियां कर रहा है। नदी किनारे बसे निचले इलाकों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

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प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

जिला प्रशासन ने बाढ़ से जुड़ी तैयारियों को तेज कर दिया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। बख्शी बांध, मोरी गेट और मुमफोर्डगंज स्थित पंपिंग स्टेशनों को लगातार चालू रखने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर पानी की निकासी में कोई परेशानी न हो। इसके अलावा अधिकारियों को पंप और अन्य उपकरणों की जांच कर उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

नाविकों ने बदली नाव बांधने की जगह

संगम क्षेत्र में काम करने वाले नाविकों का कहना है कि नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी साफ दिखाई दे रही है। बढ़ते पानी के कारण उन्हें नाव बांधने के स्थान बदलने पड़े हैं। नाविकों के अनुसार, इस समय संगम क्षेत्र में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ने लगती है, इसलिए अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।

NDRF और SDRF की टीमें अलर्ट पर

संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, सिंचाई विभाग और अन्य एजेंसियों को भी अपनी तैयारियां पूरी करने के लिए कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि 15 जुलाई से पहले सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

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लोगों से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही, लोगों को अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।

Location :  Prayagraj

Published :  12 July 2026, 5:34 PM IST