पहले भरोसा, फिर धोखा… और फिर मर्डर, सोनभद्र प्रॉपर्टी डीलर मर्डर केस में बड़ा खुलासा

सोनभद्र के घोरावल में हुए प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रिश्तों में तनाव, अवैध संबंध और पैसों के विवाद ने इस वारदात को जन्म दिया। आरोपियों ने पहले शराब पिलाई, फिर गला दबाकर हत्या कर शव को डैम में फेंक दिया।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 1 April 2026, 5:17 PM IST

Sonbhadra: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के घोरावल थाना क्षेत्र में हुए चर्चित प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड का पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान को बड़ी सफलता माना जा रहा है।

बताया गया कि 27 मार्च 2026 को घासी मौर्या ने अपने भाई कुंवर मौर्य की हत्या की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि 22 मार्च की रात उनकी हत्या कर शव को मिर्जापुर के सिरसी डैम में फेंक दिया गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शव बरामद कर जांच शुरू कर दी थी।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

जांच के दौरान सामने आया कि घटना के दिन मृतक कुंवर मौर्य अपने चालक रोहित रमन के साथ घोरावल के नौगढ़वा गांव गया था। रात में भोजन के बाद वह घर के अंदर सो गया, जबकि चालक बाहर गाड़ी में सो रहा था।

इसी दौरान आरोपी चन्द्रशेखर मौर्य उर्फ मखंचू, साहब लाल मौर्य और लीलावती ने चालक को जगाकर बताया कि उन्होंने हत्या कर दी है। इसके बाद चालक से गाड़ी की डिग्गी खुलवाई गई और शव को उसमें रखकर मिर्जापुर के सिरसी डैम ले जाकर पत्थर से बांधकर फेंक दिया गया।

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पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पहले मृतक को शराब पिलाई और फिर सोते समय गला दबाकर हत्या कर दी। यह पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी।

रिश्तों में दरार, अवैध संबंध और पैसों का विवाद बना कारण

पुलिस जांच में इस हत्या के पीछे कई चौंकाने वाले कारण सामने आए हैं। बताया गया कि मृतक का लीलावती के साथ अवैध संबंध था और उसने उसकी बेटी की शादी अपने बेटे से कराई थी, लेकिन बाद में उसे साथ नहीं रखा। साथ ही जमीन बेचकर पैसे अपने पास रख लेने और महिला व उसकी बेटी पर गलत नजर रखने के आरोप भी सामने आए।

इन सभी कारणों से आरोपी परिवार में गहरा आक्रोश था, जिसने अंततः हत्या का रूप ले लिया। पुलिस के अनुसार, पैसों के लेन-देन को लेकर भी विवाद था, जिसने इस घटना को और गंभीर बना दिया।

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1 अप्रैल 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने खुटहा बाईपास तिराहा पर घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से पांच मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि चालक रोहित रमन इस घटना में शामिल नहीं था और उसे गवाह बनाया गया है। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

Location : 
  • Sonbhadra

Published : 
  • 1 April 2026, 5:17 PM IST