
डीआईजी कलानिधि नैथानी (Img : Twitter)
Meerut : मेरठ रेंज से पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि वर्दी की ताकत का इस्तेमाल कर एक युवक का अपहरण किया गया। उसे झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने और पैर में गोली मारकर फर्जी एनकाउंटर दिखाने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, डर और दबाव का माहौल बनाकर उससे लाखों रुपये की रंगदारी वसूलने का भी आरोप है। मामले की शिकायत सीधे डीआईजी तक पहुंची तो जांच के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। जिससे पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
मामला बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद थाने से जुड़ा है। शिकायतकर्ता सलमान ने मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि 30 अप्रैल को सिकंदराबाद पुलिस ने उसे गुलावठी टोल प्लाजा से जबरन उठा लिया। इसके बाद उसे थाने ले जाया गया। जहां कथित तौर पर 20 लाख रुपये की मांग की गई। सलमान का आरोप है कि जब उसने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई तो पुलिसकर्मियों ने उसे झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने और पैर में गोली मारकर एनकाउंटर दिखाने की धमकी दी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसके और उसके भतीजे के साथ मारपीट की गई और लगातार मानसिक दबाव बनाया गया। आरोप है कि आखिरकार रात करीब तीन बजे 6 लाख रुपये लेने के बाद ही दोनों को छोड़ा गया।
पीड़ित की शिकायत और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर डीआईजी कलानिधि नैथानी ने सख्त रुख अपनाया। उनके निर्देश पर सिकंदराबाद थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज मलिक, उपनिरीक्षक अरुण कुमार, कांस्टेबल योगेश और चार अन्य अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट, रंगदारी और भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उनके आधार पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि आरोप सही पाए गए तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Location : Meerut
Published : 1 August 2026, 7:52 PM IST