Fatehpur Blast: 100 किलो से ज्यादा कार्बाइड ने मचाई तबाही? फतेहपुर धमाके के छठवें दिन भी मलबा हटाने का काम जारी

फतेहपुर के मलवां में फल विक्रेता के घर हुए भीषण धमाके की छठवें दिन भी जांच जारी है। पुलिस ने कार्बाइड को विस्फोट की प्रमुख वजह माना है, जबकि चौथे गैस सिलिंडर और आतिशबाजी सामग्री को लेकर जांच जारी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 October 2026, 2:52 PM IST

Fatehpur: उत्तरप्रदेश के फतेहपुर जिले के मलवां कस्बे के बनियन मोहल्ले में 28 सितंबर को फल विक्रेता सुरेश गुप्ता के घर हुए भीषण विस्फोट के छठवें दिन रविवार को भी मलबा हटाने का काम जारी रहा। इस हादसे में सुरेश गुप्ता के बेटे समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद से पुलिस और प्रशासनिक टीमें लगातार घटनास्थल पर मौजूद हैं और मलबा हटाकर इलाके को सुरक्षित करने में जुटी हैं।

पुलिस की प्राथमिक जांच में विस्फोट के पीछे कार्बाइड को मुख्य वजह माना गया है। हालांकि, मकान के निचले हिस्से में चौथे गैस सिलिंडर की मौजूदगी की आशंका अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। इसके चलते जांच एजेंसियां मलबे में सिलिंडर के अवशेष तलाश रही हैं। वहीं आतिशबाजी में इस्तेमाल होने वाले मिश्रण से विस्फोट की संभावना को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

घर में रखा था कार्बाइड, बैटरी और गैस सिलिंडर

जांच में सामने आया है कि घर में फल पकाने के लिए कार्बाइड के साथ बैटरी और गैस सिलिंडर भी रखे गए थे। इसके अलावा आतिशबाजी में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मौजूद होने की बात भी सामने आई है। इन्हीं परिस्थितियों के बीच विस्फोट कैसे हुआ, इसे लेकर पुलिस अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

विस्फोट के बाद मकान की छत और कई हिस्से ढह गए थे। ढही हुई छत का मलबा अब काफी हद तक हटा दिया गया है। रविवार को भी मकान के निचले हिस्से और आसपास के क्षेत्र से मलबा हटाने का काम चलता रहा।

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फल पकाने के लिए आता था करीब 20 क्विंटल माल

सुरेश गुप्ता और उनके भतीजे का फल कारोबार है। बताया गया है कि घर के एक हिस्से को फल के गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। त्योहारों के दौरान फलों की मांग बढ़ने पर हर एक-दो दिन में करीब 20 क्विंटल कच्चा फल घर लाया जाता था।

पुलिस के अनुमान के मुताबिक, करीब एक क्विंटल फल पकाने के लिए लगभग एक किलो कार्बाइड की जरूरत पड़ती है। इस हिसाब से घर में 100 किलो से अधिक कार्बाइड रखे होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने विस्फोट में कार्बाइड की भूमिका को महत्वपूर्ण माना है।

चौथे सिलिंडर के अवशेष तलाश रही जांच टीम

मलबे का बड़ा हिस्सा हटाए जाने के बाद अब पुलिस और जांच एजेंसियों का ध्यान मकान के निचले हिस्से पर है। यहां चौथे गैस सिलिंडर के अवशेष तलाशे जा रहे हैं। अगर सिलिंडर के अवशेष मिलते हैं तो विस्फोट की परिस्थितियों को समझने में जांच एजेंसियों को अहम सुराग मिल सकते हैं।

साथ ही, घटनास्थल से मिली अन्य सामग्री और आतिशबाजी में इस्तेमाल होने वाले मिश्रण की भी जांच की जा रही है।

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पति और दोनों बच्चों को खो चुकीं पूजा कानपुर लौटीं

हादसे ने सुरेश गुप्ता के परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। पति और दोनों बच्चों को खो चुकीं पूजा रिश्तेदारों के साथ कानपुर लौट गई हैं। हादसे से वह बेहद आहत हैं।

परिजनों के मुताबिक, हादसे में पूजा के पति और दोनों बच्चों की मौत हो गई। पूजा ने कहा कि शादी के बाद पति और दोनों बच्चे ही उनकी जिंदगी का सहारा थे। अब घर में कुछ भी बाकी नहीं बचा है और हादसे की जगह को देखकर उनकी हिम्मत टूट जाती है। परिजनों ने घर से बचा हुआ सामान इकट्ठा किया और पूजा को लेकर वापस कानपुर चले गए।

मेडिकल कॉलेज से छुट्टी के बाद घर पहुंचे सुरेश गुप्ता

हादसे में घायल सुरेश गुप्ता को इलाज के बाद मेडिकल कॉलेज से छुट्टी मिल गई है। परिजनों के मुताबिक उनकी हालत अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। हादसे में परिवार के कई सदस्यों को खोने के बाद घर में मातम पसरा हुआ है।

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छठवें दिन भी अहम सवाल बरकरार

हादसे के छह दिन बाद पुलिस ने कार्बाइड को विस्फोट की प्रमुख वजह माना है, लेकिन जांच अभी पूरी नहीं हुई है। चौथा गैस सिलिंडर, आतिशबाजी की सामग्री और विस्फोट के समय बनी परिस्थितियां जांच के अहम बिंदु हैं। मलबे से मिलने वाले अवशेषों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।

Location :  Fatehpur

Published :  4 October 2026, 2:52 PM IST