
खाद माफियाओं पर डीएम का बड़ा प्रहार! (IMG: Dynamite News)
Amethi: किसानों की जेब पर डाका डालने वाले खाद माफियाओं पर अमेठी प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा शिकंजा कस दिया है। उर्वरकों की कालाबाजारी, ओवररेटिंग और जबरन टैगिंग की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच जिलाधिकारी संजय चौहान ने ऐसा अभियान चलाया, जिससे जिलेभर के खाद कारोबारियों में हड़कंप मच गया। बुधवार सुबह 13 विकासखंडों में एक साथ 13 जिला स्तरीय टीमों ने 111 उर्वरक दुकानों पर औचक छापेमारी की। जांच के दौरान कई दुकानों पर गंभीर अनियमितताएं मिलीं। इसके बाद 27 दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
जिलाधिकारी संजय चौहान के निर्देश पर यह विशेष अभियान किसानों को निर्धारित मूल्य पर समय से उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाया गया। प्रशासन ने सभी 13 विकासखंडों में अलग-अलग जिला स्तरीय अधिकारियों की टीमें तैनात कीं, जिन्होंने एक साथ 111 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
छापेमारी के दौरान कई दुकानों पर रिकॉर्ड अधूरे मिले। कई प्रतिष्ठानों पर रेट बोर्ड और स्टॉक बोर्ड या तो लगाए ही नहीं गए थे या उन्हें समय पर अपडेट नहीं किया गया था। कुछ दुकानों पर पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और मौके पर मौजूद वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया। वहीं कुछ प्रतिष्ठान निरीक्षण के दौरान बंद मिले।
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जांच के दौरान सबसे बड़ी कार्रवाई उन दुकानों पर हुई, जहां किसानों से निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की पुष्टि हुई। प्रशासन ने मेसर्स राजेश खाद भंडार, फुरसतगंज और अमृतलाल खाद भंडार, फुरसतगंज के उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए। अधिकारियों का कहना है कि किसानों से अधिक कीमत वसूलने जैसी शिकायतों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने तीन उर्वरकों के नमूने भी जांच के लिए एकत्र किए। इन नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में उर्वरक मानक के अनुरूप नहीं पाए गए तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान जिला प्रशासन ने किसानों को बड़ी राहत भी दी। अधिकारियों ने सभी खाद विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी किसान की फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनी है, क्षेत्र चकबंदी में है या किसी तकनीकी कारण से परेशानी आ रही है, तब भी उसे खाद देने से मना नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने उर्वरक वितरण से जुड़ी लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सभी 13 विकासखंडों के लिए अलग-अलग अधिकारियों की टीमें बनाई थीं। इन टीमों को कालाबाजारी, ओवररेटिंग, स्टॉक की स्थिति, टैगिंग और अन्य अनियमितताओं की जांच करने के निर्देश दिए गए थे।
इस अभियान में जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, उपायुक्त एनआरएलएम, उप कृषि निदेशक, अधिशासी अभियंता नलकूप, डीसी मनरेगा, जिला उद्यान अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, क्षेत्रीय अधिकारी इफको और जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
जिलाधिकारी संजय चौहान ने साफ कहा कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी उर्वरक विक्रेता के खिलाफ कालाबाजारी, ओवररेटिंग, टैगिंग या अन्य अनियमितता की शिकायत सही पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि जिले में फिलहाल उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। उनके अनुसार वर्तमान में जनपद में 10,757 मीट्रिक टन यूरिया, 3,760 मीट्रिक टन डीएपी, 86.66 मीट्रिक टन एमओपी, 1,873 मीट्रिक टन एनपीके और 2,102 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है।
Location : Amethi
Published : 5 August 2026, 8:05 PM IST