2 करोड़ का डीजल, 64 कर्मचारी और 308 टायर, ऐसे चल रहा 200 टन का ‘महाट्रक’

ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से उत्तर प्रदेश की शुगर मिल के लिए 200 टन वजन वाली वैक्यूम ब्यालर मशीन लेकर निकला 308 पहियों वाला मल्टी-एक्सल ट्रेलर वाराणसी पहुंच गया है। भारी वजन के कारण यह महाट्रक रोजाना सिर्फ 10 से 12 किलोमीटर की दूरी तय कर पा रहा है। इसे निकालने के लिए पुलिस, एनएचएआई और कई विभागों की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 26 September 2026, 9:24 PM IST

Varanasi: उत्तर प्रदेश की सड़कों पर इन दिनों एक ऐसा महाट्रक चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे देखने के लिए लोग रुक जा रहे हैं। 308 पहियों वाला यह विशालकाय मल्टी-एक्सल ट्रेलर ट्रक अपने साथ 200 टन वजन की शुगर मिल मशीन लेकर चल रहा है। ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से निकला यह ट्रक अब वाराणसी के रेवसा के पास रिंग रोड पर पहुंच गया है, जहां इसे आगे बढ़ाने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

रिंग रोड पार कराने में जुटी टीम

जानकारी के मुताबिक, यह महाट्रक ओडिशा के पारादीप पोर्ट से उत्तर प्रदेश के बलरामपुर या लखीमपुर खीरी स्थित शुगर मिल के लिए रवाना हुआ है। रेवसा के पास रिंग रोड पार कराने के लिए कंपनी की टीम रास्ता तैयार करने में जुटी हुई है। भारी वजन के कारण सड़क पर दबाव कम करने और वाहन को सुरक्षित निकालने के लिए मिट्टी डालकर रास्ता बनाया जा रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह ट्रक रविवार को रिंग रोड पार करेगा। इसके बाद डाफी होते हुए राजातालाब पहुंचेगा और फिर गाजीपुर रूट से बलरामपुर की ओर रवाना होगा। यातायात निरीक्षक सुरेंद्र यादव ने बताया कि फिलहाल रिंग रोड पार कराने के लिए कंपनी के कर्मचारी काम कर रहे हैं और पूरे रूट पर निगरानी रखी जा रही है।

बेल्जियम से समुद्री रास्ते से आई मशीन

बताया जा रहा है कि इस विशालकाय शुगर मिल वेसल यानी वैक्यूम ब्यालर को बेल्जियम से समुद्री मार्ग के जरिए ओडिशा लाया गया था। इसके बाद इसे सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश पहुंचाया जा रहा है। मशीन का वजन करीब 200 टन है। इतने भारी वजन को संतुलित रखने के लिए ट्रेलर में 308 पहिए लगाए गए हैं। यही वजह है कि यह वाहन बेहद धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

रोजाना सिर्फ 10 से 12 किलोमीटर का सफर

इस महाट्रक की रफ्तार सामान्य वाहनों से काफी कम है। चालक के मुताबिक, भारी वजन के कारण यह वाहन एक दिन में सिर्फ 10 से 12 किलोमीटर की दूरी ही तय कर पा रहा है। अब तक इसके संचालन में करीब 2 करोड़ रुपये का डीजल खर्च हो चुका है। इसके साथ दो अलग-अलग क्रेन भी चल रही हैं, जो जरूरत पड़ने पर मदद करती हैं। इसके अलावा दो ट्रेलर भी साथ हैं, जिन्हें अलग-अलग परिस्थितियों में महाट्रक को खींचने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

सुरक्षा के लिए कई विभाग अलर्ट

इतने बड़े वाहन को सुरक्षित तरीके से निकालने के लिए पुलिस, एनएचएआई और अन्य विभागों की टीमें पहले से रूट का निरीक्षण कर रही हैं। रास्ते में आने वाली बाधाओं को हटाने के लिए विशेष तैयारी की गई है। कटसीला समेत कई स्थानों पर फुटओवर ब्रिज को खोलकर इस महाट्रक को आगे बढ़ाया गया। अधिकारियों की निगरानी में यह पूरा ऑपरेशन चल रहा है, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और मशीन को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। 308 पहियों वाला यह महाट्रक अपनी धीमी रफ्तार, विशाल आकार और भारी वजन के कारण लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। फिलहाल इसका सफर जारी है और आने वाले दिनों में यह उत्तर प्रदेश के अपने गंतव्य तक पहुंचेगा।

Location :  Varanasi

Published :  26 September 2026, 9:24 PM IST