
देवघर में ‘ब्राउन शुगर सिंडिकेट’ का बड़ा खुलासा फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज
देवघर: धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान वाले देवघर में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मोहनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय ब्राउन शुगर तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पश्चिम बंगाल से देवघर तक नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले दो मुख्य तस्करों समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार के सीमावर्ती इलाकों तक फैला हुआ है!
नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित
पुलिस सूत्रों के अनुसार, देवघर एसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि बंगाल से जुड़े कुछ तस्कर मोहनपुर थाना क्षेत्र के बड़ा झरना-खरगडीहा मार्ग के समीप ब्राउन शुगर की बड़ी खेप की डील करने वाले हैं। सूचना मिलते ही एसडीपीओ सदर के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। इसके बाद देर रात पुलिस ने इलाके में रणनीतिक घेराबंदी कर संदिग्धों को दबोच लिया।
आपराधिक इतिहास की भी जांच
छापेमारी के दौरान गिरफ्तार अपराधियों की पहचान पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिला निवासी शेख इस्ताजुल और मीर समद के रूप में हुई है, जबकि देवघर जिले के रोहित कुमार और निरज कुमार महथा को स्थानीय संपर्क और खरीदार के तौर पर पकड़ा गया है। पुलिस का दावा है कि सभी आरोपी लंबे समय से नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री से जुड़े हुए थे और इनके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
प्रेमी से शादी की जिद में फिर मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती, घंटों चला हाईवोल्टेज ड्रामा
गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग 102.14 ग्राम ब्राउन शुगर, करीब 1 लाख 49 हजार 300 रुपये नकद, एक आई-10 कार, एक मोटरसाइकिल तथा पांच स्मार्टफोन बरामद किए हैं। पुलिस को आशंका है कि मोबाइल फोन के जरिए ही पूरे नेटवर्क का संचालन और सप्लाई चेन नियंत्रित की जा रही थी। अब जब्त मोबाइलों का तकनीकी विश्लेषण कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
लखनऊ BBD यूनिवर्सिटी में बवाल: पुलिस कार्रवाई तक पहुंचा मामला, 25 से मांगा जाएगा स्पष्टीकरण
जांच में यह भी सामने आया है कि पश्चिम बंगाल के बीरभूम इलाके से ब्राउन शुगर की खेप लाकर देवघर और आसपास के क्षेत्रों में छोटे-छोटे पैकेट बनाकर युवाओं के बीच सप्लाई की जाती थी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसके तार कई जिलों तक जुड़े हो सकते हैं।
देवघर पुलिस ने संकेत दिया है कि गिरफ्तार तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर आगे भी कई स्थानों पर छापेमारी की जा सकती है। पुलिस अब इस पूरे रैकेट के आर्थिक स्रोत, सप्लाई चैन और स्थानीय सहयोगियों की भूमिका को खंगालने में जुटी हुई है।
Location : Deoghar
Published : 17 May 2026, 6:26 PM IST
Topics : crime news Deoghar News Latest News UP News