
सत्यनिकेतन बिल्डिंग हादसा
New Delhi: दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे की FIR में निर्माण को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल उर्फ गुप्ता और उनके भाई ने कथित तौर पर किराए से ज्यादा कमाई के लालच में कई साल पुरानी इमारत के ऊपर चार अतिरिक्त मंजिलें बनवा दी थीं।
पुलिस का आरोप है कि मालिकों को इस बात की जानकारी थी कि पुरानी बिल्डिंग की नींव अतिरिक्त भार उठाने की स्थिति में नहीं थी, बावजूद इसके निर्माण कार्य जारी रखा गया।
FIR के अनुसार, अतिरिक्त मंजिलों और नए निर्माण के कारण इमारत की मजबूती और भार सहने की क्षमता पर काफी दबाव पड़ा। पुलिस का कहना है कि बिल्डिंग की क्षमता पहले ही पार हो चुकी थी, जिसके चलते रविवार को अचानक इमारत भरभराकर गिर गई।
हादसे के बाद पुलिस अब निर्माण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
सत्य निकेतन हादसे में रविवार से सोमवार शाम तक मलबे से कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें 7 लोगों की मौत हो गई।
मृतकों में पांच छात्र शामिल हैं:
इसके अलावा 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह की भी मौत हुई है। सातवें मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
हादसे में घायल असगर अली (30), नीरज बावन (19), आदित्य कुमार (19), नितिश चिब (19) और मोहम्मद अयान (18) का इलाज AIIMS ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है।
इनमें तीन घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, रविवार को मलबे से पांच मृतकों और पांच घायलों को बाहर निकाला गया था। इसके बाद सोमवार को रेस्क्यू टीमों ने दो और शव बरामद किए।
सत्य निकेतन हादसे के बाद अब दिल्ली में पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
Location : New Delhi
Published : 8 September 2026, 11:23 AM IST
Topics : Building Collapse Investigation Delhi Police FIR Delhi Building Collapse New delhi latest news Satya Niketan Building Collapse