मैनपुरी के बेवर थाना क्षेत्र में घर में घुसकर एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने कुल्हाड़ी और खटिया की पाटी से उसके पति को गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस द्वारा हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने पर पीड़िता ने एसपी से सही धाराएं जोड़ने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

घर में घुसकर मारपीट और जानलेवा हमला
Mainpuri: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के थाना बेवर क्षेत्र के ग्राम जलालपुर, मानपुरहसी में घर में घुसकर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में स्नेहलता पत्नी राजकुमार ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने मामले की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन उसमें सही धाराएं नहीं लगाई गईं।
पीड़िता के अनुसार घटना 27 फरवरी 2026 की शाम करीब 3:30 बजे की है। उस समय गांव के ही पंकज, अंशु उर्फ टीटी, अनिल और पुष्पा समेत कुछ अन्य लोग उनके घर के बाहर आ गए। आरोप है कि इन लोगों ने पहले गाली-गलौज शुरू की और परिवार को जान से मारने की धमकी दी। जब परिवार के लोगों ने इसका विरोध किया तो मामला और बढ़ गया।
स्नेहलता का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी जबरन घर के अंदर घुस आए और उनके पति राजकुमार पर हमला कर दिया। हमलावरों ने कुल्हाड़ी और खटिया की पाटी से राजकुमार पर ताबड़तोड़ वार किए। इस हमले में राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए।
पीड़िता के अनुसार हमले के दौरान उनके पति के सिर पर गहरी चोट आई और सिर फट गया। इसके अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में भी कई गंभीर चोटें आईं। घटना के दौरान परिवार के अन्य सदस्यों को भी मारपीट कर घायल कर दिया गया।
घर से चीख-पुकार और शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे। लोगों को आता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। इसके बाद घायल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया।
पीड़िता का आरोप है कि घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई, लेकिन थाना बेवर पुलिस ने उनकी तहरीर के बजाय अपने स्तर से तहरीर लिखकर मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा संख्या 0106/2026 धारा 115(2), 352, 351(3) और 118(1) बीएनएस के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।
स्नेहलता का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए मुकदमे में और कड़ी धाराएं लगाई जानी चाहिए थीं। उनका आरोप है कि पुलिस की ओर से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय समझौते का दबाव बनाया जा रहा है।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मुकदमे में सही एवं गंभीर धाराएं जोड़ने की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।