चित्रकूट के बरगढ़ में कपड़ा व्यापारी के 13 वर्षीय बेटे आयुष की अपहरण के बाद हत्या से पूरा कस्बा सदमे में है। अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं। मुख्य आरोपी कल्लू पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।

बरगढ़ में मासूम आयुष की हत्या से कोहराम
Chitrakoot: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के बरगढ़ कस्बे में कपड़ा व्यापारी के बेटे आयुष की अपहरण के बाद हत्या से पूरा इलाका सदमे में आ गया है। इस हृदयविदारक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार को जब 13 वर्षीय आयुष की अंतिम यात्रा निकली, तो पूरा कस्बा शोक में डूब गया। हर आंख नम थी और माहौल गमगीन नजर आया।
शनिवार को आयुष की अर्थी जैसे ही घर से उठी, लोगों का सब्र टूट गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार, परिचित, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के लोग मौजूद रहे। मासूम का शव देखकर लोगों का कलेजा फट गया। हर कोई इस अमानवीय घटना से स्तब्ध नजर आया।
बेटे को अंतिम बार देखकर मां आरती बेसुध हो गईं। परिवार की महिलाएं उन्हें संभालने की कोशिश करती रहीं, लेकिन वह बार-बार सिर पीटते हुए यही कहती रहीं कि “मेरे लाल ने आखिर किसी का क्या बिगाड़ा था।” मां की चीख-पुकार ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।
हत्या से कस्बा गमगीन (Img- Internet)
वहीं, पिता अशोक केसरवानी खुद को मजबूत दिखाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह भी अपने आंसुओं पर काबू नहीं पा सके। परिजनों को संभालना मुश्किल हो रहा था। इस दर्दनाक घटना से पूरा परिवार टूट चुका है।
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घटना के विरोध और मृतक बच्चे के प्रति संवेदना जताने के लिए बरगढ़ के व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं। आमतौर पर चहल-पहल से भरे बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। पूरा कस्बा शोक में डूबा नजर आया।
इस घटना को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश है। लोगों ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि एक मासूम की नृशंस हत्या ने पूरे समाज को हिला कर रख दिया है। हर कोई यही सवाल कर रहा है कि इतनी क्रूरता आखिर क्यों और कैसे की गई।
शुक्रवार रात से ही बरगढ़ में शोक का माहौल बना हुआ है। लोग लगातार व्यापारी के घर पहुंचकर संवेदना जता रहे हैं। इस दुखद घड़ी में मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने भी परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।
आरोपी गिरफ्तार (Img- Internet)
आयुष की हत्या के मामले में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए मुख्य आरोपी कल्लू उर्फ साहबे आलम का शनिवार को पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान उसके पिता मकसूद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, लेकिन मीडिया के सवालों पर उन्होंने चुप्पी साधे रखी और कोई जवाब देने से इनकार कर दिया।
पुलिस के अनुसार, कल्लू एक शातिर अपराधी था और कई संगीन मामलों में वांछित था। आयुष के अपहरण और हत्या के बाद सर्विलांस से उसकी लोकेशन ट्रेस की गई। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षा में हुई मुठभेड़ में कल्लू मारा गया, जबकि दूसरा आरोपी इरफान घायल हो गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की पृष्ठभूमि में किराए के मकान को खाली कराने का विवाद था। आरोपियों ने आयुष का अपहरण कर रस्सी से गला कसकर हत्या की और शव को घर के शौचालय में दफना दिया था। इसके बाद परिजनों को गुमराह करने के लिए 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई।