यूपी के बदायूं में HPCL प्लांट हत्याकांड में लापरवाही के आरोपों से घिरे मूसाझाग थाने के दो निलंबित पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच में सहयोग न करने का आरोप है। दोनों पुलिसकर्मियों को रिमाइंडर जारी कर जल्द से जल्द पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। दोबारा नोटिस भेजा गया है।

जांच में सहयोग न करने पर निलंबित पुलिसकर्मी को भेजा नोटिस
Budaun: जनपद में HPCL प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के मामले में लापरवाही के आरोपों से घिरे मूसाझाग थाने के तत्कालीन SHO अजय कुमार और दरोगा धर्मेंद्र कुमार विभागीय जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। नोटिस जारी होने के बावजूद दोनों निलंबित पुलिसकर्मी CO सिटी के सामने बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे, जिसके बाद उन्हें दोबारा नोटिस भेजा गया है।
पुलिस रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, HPCL कांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप (उर्फ रामू) के खिलाफ शुरुआती स्तर पर सख्ती नहीं बरती गई। मुकदमा दर्ज होने के बाद भी कथित सियासी पैरवी के चलते गिरफ्तारी टलती रही। इस ढिलाई से आरोपी का मनोबल बढ़ा और उसने बाद में HPCL प्लांट में दो वरिष्ठ अधिकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी।
दोहरे हत्याकांड के बाद लापरवाही के आरोप में SHO अजय कुमार और दरोगा धर्मेंद्र कुमार को निलंबित किया गया था। परिवार ने भी आरोप लगाया कि धमकी की शिकायतों के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं हुई।
दोनों पुलिसकर्मियों को बयान के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ सिटी ने दोनों निलंबित पुलिसकर्मियों को रिमाइंडर भेजा है। उन्हें जल्द से जल्द उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिसकर्मियों की हिचक की एक बड़ी वजह यह दुविधा है कि यदि वे बयान में किसी जनप्रतिनिधि/विधायक के दबाव की बात स्वीकारते हैं, तो उनकी नौकरी पर खतरा हो सकता है। वहीं, देरी और उसके बाद हुए दोहरे हत्याकांड ने पहले ही कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीओ सिटी ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों को दोबारा नोटिस जारी किया गया है। उन्हें जल्द से जल्द उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विभागीय जांच आगे बढ़ सके।