
बदायू में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन (Img: Dynamite News)
Budaun: उत्तर प्रदेश के बदायूं में डिजिटल भुगतान (UPI MDR) से जुड़े मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुए इस जन आक्रोश मार्च का नेतृत्व महासचिव मोरपाल प्रजापति ने किया, जबकि पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह मुख्य वक्ता रहे। तख्तियों के साथ प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को रोकने के दौरान पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प भी देखने को मिली।
जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में निकाले गए जन आक्रोश मार्च का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव मोरपाल प्रजापति ने किया। मार्च से पहले परशुराम चौक स्थित कांग्रेस कार्यालय पर एक गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में प्रदेश कांग्रेस कोऑर्डिनेटर और पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह मुख्य वक्ता रहे। निवर्तमान प्रदेश सचिव जितेंद्र कश्यप और किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव गौरव सिंह राठौर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष वीरेश तोमर ने किया।
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गोष्ठी में कांग्रेस नेताओं ने UPI के कुछ बड़े व्यापारी लेनदेन पर लागू किए गए मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR का विरोध किया। ओमकार सिंह ने कहा कि मार्च का उद्देश्य डिजिटल लेनदेन में किए जा रहे बदलावों और MDR व्यवस्था के खिलाफ पार्टी का विरोध दर्ज कराना है।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि UPI का इस्तेमाल आज आम लोगों और व्यापारियों के बीच बड़े पैमाने पर हो रहा है। ऐसे में व्यापारिक भुगतान से जुड़ी MDR व्यवस्था का असर कारोबारियों पर पड़ सकता है। पार्टी ने इसे आम जनता और व्यापारियों से जुड़ा आर्थिक मुद्दा बताया।
जन आक्रोश मार्च कांग्रेस कार्यालय से निकलकर शहर के प्रमुख मार्गों की ओर बढ़ रहा था। परशुराम चौक के पास पुलिस प्रशासन ने कार्यकर्ताओं को आगे जाने से रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बन गई।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहीं नारेबाजी शुरू कर दी। नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान जितेंद्र कश्यप और गौरव सिंह राठौर ने केंद्र सरकार की डिजिटल भुगतान नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ओर डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर UPI के कुछ लेनदेन पर MDR की व्यवस्था की जा रही है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इसका असर आगे चलकर दुकानदारों और उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। युवा नेता और पूर्व जिला प्रवक्ता अरबाज रजी ने भी UPI पर शुल्क व्यवस्था को लेकर सरकार की नीति की आलोचना की। वीरेश तोमर और जिला महासचिव इखलास हुसैन ने इस व्यवस्था को लेकर इसे "मोदी टैक्स" बताया। हालांकि, यह कांग्रेस नेताओं द्वारा इस्तेमाल किया गया राजनीतिक आरोप है।
केंद्र सरकार के आधिकारिक स्पष्टीकरण के मुताबिक 0.4 प्रतिशत MDR सभी UPI लेनदेन पर लागू नहीं है। यह ₹2,000 से अधिक के निर्धारित P2M यानी व्यक्ति से व्यापारी को किए जाने वाले लेनदेन पर लागू होता है। वहीं P2P यानी व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाला UPI भुगतान मुफ्त रहेगा।
सरकार के अनुसार करीब 96 प्रतिशत व्यापारी लेनदेन MDR के दायरे से बाहर रहेंगे। ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान और शून्य-MDR व्यवस्था के तहत आने वाले छोटे व्यापारियों के लेनदेन भी मुफ्त रहेंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि MDR सरकार या NPCI द्वारा वसूला जाने वाला टैक्स नहीं है, बल्कि भुगतान व्यवस्था से जुड़े प्रतिभागियों के बीच वितरित किया जाने वाला शुल्क है।
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मार्च में शहर उपाध्यक्ष अकील अहमद, असद खान उर्फ टिंकू, ओमप्रकाश, शहर महासचिव आसमा, शराफत, सतीश, मुकेश समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बदायूं में हुए इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने UPI MDR को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर इस व्यवस्था पर पुनर्विचार की मांग रखी।
Location : Budaun
Published : 18 September 2026, 7:40 PM IST