देवरिया के लार थाना क्षेत्र में पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने मक्का की बोरियों में छुपाकर ले जाया जा रहा 328 किलो से ज्यादा गांजा बरामद किया, दो आरोपी हिरासत में।

अपर पुलिस अधीक्षक देवरिया दक्षिणी सुनील कुमार सिंह ने किया खुलासा
Deoria: देवरिया में नशे के काले कारोबार का एक बड़ा खेल उस वक्त बेनकाब हो गया, जब पुलिस ने सड़क पर दौड़ रहे एक कंटेनर के भीतर छिपे जहर को पकड़ लिया। बाहर से मक्का की बोरियों से भरा दिखने वाला यह कंटेनर असल में गांजे की भारी खेप ढो रहा था। पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की इस कार्रवाई के बाद तस्करों के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है और जिले में ड्रग माफिया की नींद उड़ गई है।
लार थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई
देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र में पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने बजाज ऑटो चोरडीहा के पास एक संदिग्ध कंटेनर को रोका। कंटेनर का नंबर HR38Z5407 बताया गया है। जब पुलिस ने वाहन को चेक किया तो शुरुआत में उसमें मक्का की बोरियां लदी हुई नजर आईं, लेकिन गहन तलाशी लेने पर सच्चाई सामने आ गई।
मक्का की आड़ में छुपाया गया गांजा
तलाशी के दौरान मक्का की बोरियों के बीच बेहद शातिर तरीके से गांजे की पैकिंग की गई थी। पैकेट इस तरह छुपाए गए थे कि ऊपर से देखने पर किसी को शक न हो। पुलिस ने कुल 328.73 किलोग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये बताई जा रही है। यह बरामदगी जिले की अब तक की बड़ी नशा विरोधी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
दो आरोपी हिरासत में
मौके से पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें एक आरोपी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला है, जबकि दूसरा देवरिया का निवासी बताया जा रहा है। शुरुआती पूछताछ में दोनों के जवाब गोलमोल पाए गए, जिसके बाद पुलिस को अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की आशंका और गहरी हो गई।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच तेज
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गांजे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था। पुलिस को शक है कि यह खेप किसी बड़े ड्रग सिंडिकेट का हिस्सा हो सकती है। मोबाइल कॉल डिटेल, ट्रांसपोर्ट दस्तावेज और अन्य लिंक खंगाले जा रहे हैं ताकि पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
पुलिस का सख्त संदेश
इस कार्रवाई के बाद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी कीमत पर जिले को ड्रग्स का ट्रांजिट प्वाइंट नहीं बनने दिया जाएगा और इस धंधे से जुड़े हर शख्स को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।