फतेहपुर के राधानगर थाना क्षेत्र के बडनपुर में निर्माणाधीन मकान के सेफ्टी टैंक में डूबकर दो सगे भाई-बहन की मौत हो गई। मां ने धक्का देकर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़
Fatehpur: फतेहपुर जिले में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। राधानगर थाना क्षेत्र के बडनपुर गांव के पास एक निर्माणाधीन मकान के नीचे बने सेफ्टी टैंक में डूबकर दो मासूम सगे भाई-बहन की मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
सेफ्टी टैंक में मिले दोनों बच्चे
घटना फतेहपुर के राधानगर इलाके की है। जानकारी के मुताबिक, बडनपुर में बन रहे एक मकान की सीढ़ियों के नीचे सेफ्टी टैंक बना हुआ था। मां सुशीला ने बताया कि वह पड़ोस में लगे हैंडपंप से पानी भरने गई थी। उसके पीछे उसकी 7 वर्षीय बेटी शिवानी और 4 वर्षीय बेटा सुन्दरम भी चले गए थे।
मां जब पानी भरकर वापस लौटी तो दोनों बच्चे घर पर नहीं थे। काफी तलाश के बाद भी जब उनका पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दी गई। इसी बीच मकान मालिक अंजू पत्नी रामानंद ने टैंक में दोनों बच्चों के पड़े होने की जानकारी दी। जैसे ही बच्चों के शव बाहर निकाले गए, पूरे गांव में कोहराम मच गया।
मां और बुआ ने लगाया हत्या का आरोप
इस घटना ने नया मोड़ तब लिया जब मां और बुआ ने आरोप लगाया कि दोनों बच्चों को सेफ्टी टैंक में धक्का देकर मारा गया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ हादसा नहीं हो सकता। फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हर एंगल से जांच शुरू कर दी है।
मजदूर परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृत बच्चों के पिता राकेश भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। घटना के बाद मां सुशीला और पिता राकेश का रो-रोकर बुरा हाल है। बुआ आरती ने बताया कि परिवार बेहद गरीब है और किसी सरकारी योजना का लाभ भी उन्हें नहीं मिल पाया। उनका कहना है कि सरकार हर घर नल योजना जैसी योजनाएं चला रही है, लेकिन मजदूरी के कारण उन्हें कोई सुविधा नहीं मिली।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगा कि यह दर्दनाक हादसा था या किसी साजिश का नतीजा। गांव में मातम पसरा है और हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है- आखिर इन मासूमों की मौत कैसे हुई?