मुजफ्फरनगर में शाहपुर पुलिस ने जंगलों में ट्रांसफार्मर चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह शातिर चोरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। आरोपियों से लाखों रुपये का चोरी का माल और हथियार बरामद किए गए हैं।

मुजफ्फरनगर पुलिस ने किया बड़े गैंग का पर्दाफाश
Muzaffarnagar: अंधेरे जंगल, सुनसान इलाके और बिजली के ट्रांसफार्मर… इन्हीं को निशाना बनाकर सक्रिय एक शातिर चोरी गिरोह आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। मुजफ्फरनगर में लंबे समय से बिजली ट्रांसफार्मरों से एल्यूमिनियम और कॉपर चोरी करने वाला गैंग पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। लेकिन शाहपुर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद इस गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लाखों रुपये का चोरी का माल और अवैध हथियार भी बरामद किए हैं।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय वर्मा ने पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता कर इस खुलासे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शाहपुर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए ट्रांसफार्मर चोरी करने वाले गिरोह को घेर लिया। मुठभेड़ के बाद छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कुछ अन्य आरोपी मौके से फरार होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें पहले ही दबोच लिया गया।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में जोगेन्द्र उर्फ टीना निवासी वहलना, मनोज उर्फ मोनू निवासी मदारपुरा, अहसान निवासी प्रेमनगर, अरविंद निवासी सरधना, सौरभ और शौकिन शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक जोगेन्द्र इस गिरोह का सरगना है, जिसके खिलाफ पहले से करीब 34 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं मनोज पर 35 और अरविंद पर 18 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
लाखों का चोरी का माल बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 220 किलो एल्यूमिनियम तार और कोयल बरामद की है, जिसकी कीमत कई लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा दो तमंचे और करीब ढाई लाख रुपये का अन्य चोरी का सामान भी जब्त किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने पुरकाजी, बुढाना, छपार और मंसूरपुर थाना क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर चोरी की आठ घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है।
खरीदार तक पहुंची पुलिस
एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में यह भी सामने आया कि लोनी निवासी अहसान चोरी का माल खरीदता था। आरोपियों से मिली जानकारियों के आधार पर पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है और आगे की कार्रवाई जारी है।