बरेली से उठी आवाज, कम करो काम के घंटे; वेतन बढ़ाओं

बरेली ट्रेड यूनियन्स फेडरेशन ने सीएम को ज्ञापन भेजकर न्यूनतम मजदूरी 26,000 रुपये करने और 12 घंटे काम के कानून खत्म करने की मांग की है। यूनियन ने वेज रिवीजन में देरी पर भी नाराजगी जताई।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 16 April 2026, 3:26 PM IST

Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली में ट्रेड यूनियनों ने श्रमिकों के मुद्दों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। बरेली ट्रेड यूनियन्स फेडरेशन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने और श्रमिक कानूनों में बदलाव की मांग की है। फेडरेशन ने श्रमिकों की स्थिति सुधारने के लिए तत्काल कार्रवाई की जरूरत बताई है।

न्यूनतम मजदूरी 26,000 करने की मांग

फेडरेशन ने अपने ज्ञापन में कहा कि प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी का वेज रिवीजन कर इसे 26,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए। उनका कहना है कि मौजूदा मजदूरी दर महंगाई के मुकाबले बेहद कम है, जिससे श्रमिकों का जीवन प्रभावित हो रहा है।

नोएडा की बढ़ोतरी को बताया नाकाफी

ज्ञापन में कहा गया कि हाल ही में नोएडा में श्रमिक असंतोष के बाद सरकार ने वेतन में अंतरिम वृद्धि की है। नोएडा में 3000 रुपये, नगर निगम क्षेत्रों में 2000 रुपये और अन्य जिलों में 1000 रुपये की बढ़ोतरी की गई, लेकिन फेडरेशन ने इसे अपर्याप्त बताया है।

10 साल से नहीं हुआ वेज रिवीजन

फेडरेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में पिछले 10 वर्षों से न्यूनतम मजदूरी का वेज रिवीजन नहीं हुआ है। जबकि न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के तहत हर 5 साल में यह अनिवार्य है। 2014 के बाद अब तक रिवीजन न होना कानून का उल्लंघन है।

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केंद्र से आधी रह गई मजदूरी

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि वेज रिवीजन न होने के कारण प्रदेश के श्रमिकों की मजदूरी केंद्र सरकार के मानकों से लगभग आधी रह गई है। इससे श्रमिकों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।

12 घंटे काम को बताया अमानवीय

फेडरेशन ने 12 घंटे कार्य अवधि से जुड़े कानूनों का विरोध करते हुए इसे अमानवीय बताया है। उनका कहना है कि वर्षों के संघर्ष के बाद 8 घंटे कार्य दिवस का अधिकार मिला था, जिसे अब खत्म किया जा रहा है।

8 घंटे कार्य दिवस की मांग

यूनियन ने स्पष्ट किया कि 8 घंटे काम, 8 घंटे विश्राम और 8 घंटे व्यक्तिगत समय का सिद्धांत ही श्रमिकों के लिए उचित है। इसलिए 12 घंटे कार्य अवधि वाले सभी कानूनों को तुरंत निरस्त किया जाना चाहिए।

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फेडरेशन की प्रमुख मांगें

फेडरेशन ने अपनी 8 प्रमुख मांगों में ओवरटाइम पर दोगुना वेतन, श्रमिक नेताओं पर कार्रवाई रोकने, लेबर कोड वापस लेने और पीएफ, ईएसआई, बोनस जैसी सुविधाओं की गारंटी शामिल की है।

श्रमिकों के हक की लड़ाई जारी

फेडरेशन के अध्यक्ष मुकेश सक्सेना, डॉ. अंचल अहेरी और संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि यह लड़ाई श्रमिकों के अधिकारों के लिए है और इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।

Location :  Bareilly

Published :  16 April 2026, 3:26 PM IST