Balrampur News: बलरामपुर में झमाझम बारिश; गन्ना किसानों के लिए ‘अमृत’ तो खलिहानों में पड़ी फसल के लिए बनी ‘आफत’
Balrampur News: बलरामपुर में मौसम का यह बदलाव वाकई बड़ी राहत लेकर आया है। पिछले कुछ दिनों की उमस भरी गर्मी के बाद मूसलाधार बारिश ने न केवल तापमान में गिरावट ला दी है, बल्कि वातावरण को भी काफी खुशनुमा बना दिया है
बलरामपुर में सोमवार को हुई झमाझम बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई(Source: Dynamite News)
Balrampur: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में सोमवार का दिन मौसम के लिहाज से बेहद खुशनुमा साबित हुआ। सुबह 10 बजे से ही आसमान में बादलों की लुका-छिपी के साथ ठंडी हवाओं का दौर शुरू हुआ, जिसने भीषण उमस और गर्मी से परेशान जिलेवासियों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी।
मूसलाधार बारिश ने न केवल पारे में गिरावट दर्ज कराई, बल्कि तराई की सूखी धरती को भी तर कर दिया। इस झमाझम बरसात ने जहाँ शहरी इलाकों में सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा कर दी, वहीं ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी की सुस्त पड़ी गतिविधियों में जान फूंक दी।
खेती के नजरिए से देखें तो यह बारिश मिश्रित प्रभाव लेकर आई है। गन्ना किसानों के लिए यह बरसात किसी 'अमृत' से कम नहीं है, क्योंकि चिलचिलाती धूप में गन्ने की फसलें झुलसने लगी थीं। इस प्राकृतिक सिंचाई से न केवल किसानों के डीजल का खर्च बचेगा, बल्कि फसल की बढ़वार में भी तेजी आएगी।
इसके साथ ही, जो किसान खरीफ की अगली फसलों की बुवाई के लिए मानसून का इंतजार कर रहे थे, वे अब अपने खेतों की जुताई का काम समय से शुरू कर सकेंगे। आम के बागवानों के लिए भी यह राहत की खबर है, क्योंकि धूल और तपिश के कारण झड़ रहे फलों को अब नमी मिलने से मजबूती मिलेगी।
हालांकि, जहाँ एक ओर अधिकांश फसलें लहलहाएंगी, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। जिन किसानों की गेहूं की कटी हुई फसल अभी खलिहानों या खुले आसमान के नीचे पड़ी है, उनके लिए यह बारिश आफत बनकर आई है। भीगने के कारण अनाज की गुणवत्ता और रंग पर बुरा असर पड़ सकता है। साथ ही, तरबूज, खरबूजा और अन्य हरी सब्जियों के खेतों में अगर पानी ज्यादा समय तक जमा रहता है, तो जड़ें गलने और फसल सड़ने की प्रबल संभावना है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क करते हुए खेतों से अतिरिक्त जल निकासी की व्यवस्था करने का परामर्श दिया है, ताकि बारिश के इस लाभ को नुकसान में बदलने से रोका जा सके।
सोमवार की इस बारिश ने बलरामपुर को तपती धूप से तो राहत दी ही है, साथ ही जिले की अर्थव्यवस्था की धुरी माने जाने वाली खेती को भी एक नई दिशा प्रदान की है।