बलरामपुर पुलिस की साइबर सेल और CEIR टीम ने 132 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए। लगभग 25 लाख रुपये कीमत के मोबाइल पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे। संचार साथी पोर्टल और आधुनिक तकनीक के उपयोग से यह सफलता मिली।

पुलिस ने लोगों को वापस लौटाए मोबाइल
Balrampur: उत्तर प्रदेश के जनपद बलरामपुर में उस वक्त खुशी की लहर दौड़ गई, जब 132 लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल फोन वापस मिले। जिन मोबाइलों के खोने के साथ ही लोगों की निजी यादें, जरूरी दस्तावेज और संपर्क भी गुम हो गए थे, वे एक बार फिर उनके हाथों में लौट आए।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, यह सफलता बलरामपुर पुलिस की साइबर सेल और CEIR टीम की सतर्कता और तकनीकी दक्षता का परिणाम है।
बलरामपुर पुलिस ने विभिन्न स्थानों से कुल 132 स्मार्टफोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 25 लाख रुपये आंकी गई है। मंगलवार, 20 जनवरी को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने स्वयं मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे। मोबाइल पाकर लोगों के चेहरों पर मुस्कान दिखाई दी।
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पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में खोए हुए मोबाइल फोनों की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। इस अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी अपराध डॉ. जितेन्द्र कुमार ने की। साइबर सेल और जनपद के सभी थानों की CEIR टीमों ने मिलकर आधुनिक तकनीक के माध्यम से मोबाइल ट्रैक किए।
पुलिस के अनुसार, भारत सरकार के संचार मंत्रालय द्वारा संचालित संचार साथी पोर्टल, यूपी कॉप ऐप की लॉस्ट आर्टिकल रिपोर्ट और थानों में प्राप्त प्रार्थना पत्रों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। IMEI ट्रैकिंग और साइबर तकनीक की मदद से मोबाइलों की लोकेशन पता कर उन्हें बरामद किया गया।
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अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर नागरिकों ने बलरामपुर पुलिस की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता की खुलकर सराहना की। कई लोगों ने इसे “असंभव को संभव” बनाने वाला प्रयास बताया। पुलिस अधीक्षक ने इस सराहनीय कार्य के लिए साइबर सेल और CEIR टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की।
एसपी विकास कुमार ने भरोसा दिलाया कि गुमशुदा मोबाइल बरामदगी का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि मोबाइल खोने की स्थिति में तुरंत अधिकृत पोर्टल या नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।