बलरामपुर: फर्जी खाद्य लाइसेंस के जरिए मांस का कारोबार, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
जनपद के थाना कोतवाली उतरौला क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाद्य व्यापार करने के एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने हफीज फूड्स के नाम से कूटरचित लाइसेंस बनवाकर धोखाधड़ी करने वाले मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
Balrampur: बलरामपुर जनपद के थाना कोतवाली उतरौला क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाद्य व्यापार करने के एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने हफीज फूड्स के नाम से कूटरचित लाइसेंस बनवाकर धोखाधड़ी करने वाले मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मामले की जड़ें भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के उत्तरी क्षेत्र, गाजियाबाद की एक जांच रिपोर्ट से जुड़ी हैं। विभाग को हफीज फूड्स द्वारा प्रस्तुत लाइसेंस पर संदेह हुआ था। सघन तकनीकी जांच में यह स्पष्ट हुआ कि प्रोपराइटर मोहम्मद हफीज ने मूल लाइसेंस के विवरणों में हेराफेरी कर एक फर्जी दस्तावेज तैयार किया था। वास्तविक लाइसेंस और अभियुक्त द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे लाइसेंस के बीच पाए गए बड़े अंतर ने इस धोखाधड़ी की पुष्टि की।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के कड़े रुख के बाद, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी उतरौला राघवेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर डाकघर कस्बा उतरौला के पास घेराबंदी की। यहाँ से अभियुक्त मोहम्मद हफीज, निवासी मोहल्ला रफीनगर को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से अपने साथियों के साथ मिलकर लाइसेंस में कूटकरण किया था। आरोपी ने थोक लाइसेंस को फुटकर बिक्री के लिए मान्य दिखाने हेतु उसमें हेरफेर की थी, ताकि वह स्थानीय बाजार में अवैध रूप से मांस का कारोबार कर सके।
गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ धोखाधड़ी और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस सिंडिकेट में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।