ऑपरेशन में लापरवाही: महिला के पेट में छूटा गॉज, बलरामपुर का नामी अस्पताल सील

बलरामपुर में निजी अस्पताल की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में सर्जिकल गॉज छोड़ दिया गया। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ती गई और दूसरे अस्पताल में जांच के दौरान सच्चाई सामने आई। स्वास्थ्य विभाग की जांच में लापरवाही की पुष्टि होने के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 May 2026, 5:57 PM IST

Balrampur: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में सर्जिकल गॉज छोड़ दिए जाने का आरोप लगा है। इस लापरवाही ने न सिर्फ एक महिला की जिंदगी को खतरे में डाल दिया, बल्कि पूरे परिवार को आर्थिक और मानसिक संकट में भी धकेल दिया। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक, अजय तिवारी अपनी गर्भवती पत्नी अंजू देवी को इलाज के लिए शहर के मेडीवे हॉस्पिटल (Medive Hospital) लेकर पहुंचे थे। 5 सितंबर 2025 को अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए बच्चे का जन्म हुआ। शुरुआत में परिवार खुश था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद अंजू की तबीयत बिगड़ने लगी। ऑपरेशन के बाद लगातार पेट दर्द, कमजोरी और संक्रमण की शिकायत सामने आने लगी।

परिवार ने दोबारा अस्पताल जाकर डॉक्टरों से संपर्क किया। आरोप है कि डॉक्टरों ने महिला की गंभीर स्थिति को नजरअंदाज करते हुए केवल दवाएं देकर वापस भेज दिया। लगातार दर्द और परेशानी के बावजूद सही जांच और इलाज नहीं किया गया।

पेट में मिला सर्जिकल गॉज

जब महिला की हालत ज्यादा खराब होने लगी, तब परिवार उसे बहराइच के एक निजी अस्पताल लेकर गया। वहां जांच के दौरान डॉक्टरों को पेट के अंदर गंभीर संक्रमण का पता चला। आगे की मेडिकल जांच में सामने आया कि महिला के पेट में ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल किया गया सर्जिकल गॉज छूट गया था।

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डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक पेट के अंदर गॉज रहने से संक्रमण तेजी से फैल गया और आंतों में सड़न शुरू हो गई। यह स्थिति महिला की जान के लिए बेहद खतरनाक बन चुकी थी। इसके बाद दोबारा ऑपरेशन कर गॉज को बाहर निकाला गया और महिला का इलाज शुरू किया गया।

परिवार का कहना है कि इस इलाज में उन्हें करीब 6 लाख रुपये खर्च करने पड़े। आर्थिक रूप से यह बोझ परिवार के लिए बहुत बड़ा साबित हुआ। साथ ही पूरे परिवार को मानसिक तनाव और डर का सामना करना पड़ा।

अस्पताल पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू की गई। सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी के निर्देश पर एक जांच समिति बनाई गई। एसीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने अस्पताल के रिकॉर्ड, मेडिकल दस्तावेज और संबंधित लोगों के बयान लिए।

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जांच के दौरान अस्पताल की लापरवाही सामने आई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक टीम ने अस्पताल पहुंचकर कार्रवाई की। शनिवार को अस्पताल को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद इलाके के अन्य निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम संचालकों में भी चिंता बढ़ गई है।

स्वास्थ्य विभाग अब इस मामले में जिम्मेदार डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

Location :  Balrampur

Published :  2 May 2026, 5:49 PM IST