Ballia: नाबालिग को भगाने के मामले में 5 दोषियों पर चला कानून का डंडा

सात साल पुराने मामले में आखिरकार अदालत का फैसला आ गया। बलिया में नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और पॉक्सो एक्ट से जुड़े केस में कोर्ट ने पांच दोषियों को सजा सुनाई है। एक किशोर अपचारी समेत सभी पांच दोषियों को दंडित किया गया है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 16 October 2026, 6:38 AM IST
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Ballia: बलिया में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने और पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामले में न्यायालय ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, कोर्ट संख्या-08 ने एक किशोर अपचारी को 12 वर्ष के सश्रम कारावास और अन्य चार दोषियों को भी 12 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है।

2018 में नाबालिग को भगाने का मामला

यह मामला वर्ष 2018 का है। अभियोजन के अनुसार, 8 जुलाई 2018 को वादी की 15 वर्षीय नाबालिग बहन को एक किशोर अपचारी कथित तौर पर बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। आरोप था कि इस घटना में चार अन्य लोगों ने भी सहयोग किया था। मामले में बांसडीह थाने में मुकदमा अपराध संख्या 130/2018 के तहत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

किशोर अपचारी को अलग-अलग धाराओं में सजा

न्यायालय ने किशोर अपचारी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 12 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत पांच वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 366 के तहत सात वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।

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चार अन्य दोषियों को भी 12 साल की जेल

मामले में दोषी ठहराए गए अन्य चार लोगों की पहचान रणजीत पुत्र रमाशंकर राम, कृष्ण कुमार पुत्र योगेंद्र राम, शंकर पुत्र स्वर्गीय गोविंद राम और रविशंकर पुत्र छोटेलाल राम के रूप में हुई है। सभी मटमैन गांव, थाना गड़वार के निवासी हैं।

न्यायालय ने चारों को पॉक्सो एक्ट की धारा 17 के तहत 12 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, धारा 363 के तहत पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया।

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प्रभावी पैरवी के बाद आया फैसला

पुलिस के अनुसार, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के चलते मामले में दोषियों को सजा दिलाई गई। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीर मामलों में प्रभावी कानूनी कार्रवाई और दोषसिद्धि सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाता है। इ

Location :  Ballia

Published :  16 October 2026, 6:34 AM IST

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