बागपत में घर के गेट ने ली चाचा-भतीजे की जान, बचाने आया युवक भी बाल-बाल बचा

बागपत में एक पल में घर का दरवाजा मौत का जाल बन गया। बुधवार रात हुए इस दर्दनाक हादसे में चाचा-भतीजे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पड़ोसी ने शॉल की मदद से दोनों को दरवाजे से अलग किया। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 5 November 2026, 6:05 AM IST

Bagpat: जिले में बुधवार रात को एक दुखद हादसा हो गया। रटौल स्थित खट्टा प्रहलादपुर गांव में रात करीब साढ़े दस बजे मकान का लोहे का दरवाजा बंद करते समय  कंवरपाल प्रजापति (50) करंट की चपेट में आ गए। उनको बचाने आया दिल्ली में रेपिडो चलाने वाला भतीजा दीपक प्रजापति (35) भी चपेट में आ गया। पड़ोसी छोटू ने हाथ पर शॉल बांधकर दोनों को दरवाजे से अलग किया। परिजन दोनों को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार कंवरपाल गांव में ही क्लीनिक चलाते थे। वह बुधवार रात अपने मकान का मुख्य दरवाजा बंद कर रहे थे, जो लोहे का बना हुआ है। उस दरवाजे में करंट प्रवाहित हो रहा था और कंवरपाल नंगे पैर थे। उन्होंने दरवाजे को हाथ लगाया तो वह उससे चिपक गए।

बचाने गए भतीजे की भी मौत

वह काफी देर तक अंदर नहीं गए तो परिजनों ने देखा कि उनको करंट लगा हुआ है। तभी भतीजे दीपक ने उनको दरवाजे से अलग करने का प्रयास किया। दीपक भी नंगे पैर था और उसने अपने चाचा को वहां से हटाने के लिए पकड़ लिया। दीपक भी करंट की चपेट में आकर वहां चिपक गया।

पड़ोसी युवक ने शॉल लपेट कर किया अलग

परिजनों के शोर मचाने पर उनका पड़ोसी छोटू भागकर गया और उसने दोनों को दरवाजे से अलग करने का प्रयास किया, लेकिन उसे भी करंट का झटका लगा। छोटू ने जूते पहने हुए थे, इसलिए वह बच गया। झटका लगने के बाद छोटू ने हाथ पर शॉल लपेट लिया और उसके बाद कंवरपाल व दीपक को दरवाजे से अलग किया। परिजन दोनों को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया।

छोटू ने बताया कि दरवाजे में करंट किस कारण से आया, यह पता नहीं लग सका। यह माना जा रहा है कि उसके पास से अंदर से कोई तार गुजर रहा है और वह कटकर दरवाजे के किस्सी हिस्से में अंदर ही टच हो गया है। इस कारण दरवाजे में करंट आ गया और कंवरपाल व उनके भतीजे दीपक की मौत हो गई।

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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

कंवरपाल की पत्नी की एक साल पहले हार्टअटैक से मौत हो गई थी। उनके दो बेटे अंकित व सौरव रह गए हैं। वहीं दीपक दो भाइयों में बड़े थे। इनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन साल की बेटी और डेढ़ साल का बेटा है। इन छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया।

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पुलिस की कार्रवाई

सीओ खेकड़ा रोहन चौरसिया ने बताया कि एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत हुई है। दरवाजे में करंट कैसे आया, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Location :  Bagpat

Published :  5 November 2026, 5:58 AM IST