
एचपीसीएल हत्याकांड में दो आरोपी भाइयों ने किया सरेंडर (इमेज सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Badaun: बदायूं के सैजनी स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट में 12 मार्च को हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में बुधवार को बड़ी कार्रवाई हुई। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू का सगा भाई केशव और तहेरा भाई चंद्रशेखर उर्फ नन्हे ने जिला न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने अपनी जांच में दोनों को हत्याकांड की साजिश रचने का आरोपी बनाया था।
12 मार्च 2026 को सैजनी स्थित HPCL के कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट में दिनदहाड़े उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता और सहायक प्रबंधक हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि आउटसोर्स पर काम करने वाले और पराली आपूर्ति का ठेका संभालने वाले मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह ने अनुशासनहीनता पर अफसरों की सख्ती से नाराज होकर वारदात को अंजाम दिया। हत्याकांड के बाद आरोपी और उसका पूरा परिवार घर में ताले डालकर फरार हो गया था।
मामले की जांच सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय के पर्यवेक्षण में चल रही है। जांच की प्रगति को लेकर वह एसआईटी के सामने भी पेश हुए, जहां कमिश्नर और डीआईजी स्तर के अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई।
मारे गए असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा के परिजनों ने एसएसपी को कुछ नाम सौंपे थे। इनमें अजय के भाई केशव और ताऊ राकेश सिंह के बेटे अभय का नाम भी शामिल था। परिजनों का दावा था कि दोनों आरोपी वारदात की साजिश में शामिल थे। इसी आधार पर पुलिस ने दोनों को नामजद किया। सीओ सिटी के अनुसार, "दोनों आरोपियों की भूमिका साजिश रचने में सामने आई है"।
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एसएसपी स्तर से केशव और अभय की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। बाद में डीआईजी स्तर से इनाम की राशि बढ़ाकर 50-50 हजार रुपए करने की तैयारी थी।
पुलिस के मुताबिक अब तक कुल 5 आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें से 3 आरोपी पहले ही जेल में बंद हैं, जबकि केशव और चंद्रशेखर फरार चल रहे थे। बुधवार को दोनों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अब पुलिस दोनों को रिमांड पर लेकर साजिश वाले एंगल पर गहन पूछताछ करेगी।
स्थानीय लोगों के मुताबिक सैजनी गांव और प्लांट के आसपास के इलाके में केवल हत्यारोपी अजय ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार का खौफ था। अजय का भाई केशव प्लांट में गार्ड की नौकरी करता था, लेकिन ड्यूटी पर कम ही आता था। सोशल मीडिया पर उसके पिस्टल के साथ फोटो भी वायरल हुए थे। हत्याकांड के बाद प्लांट प्रबंधन ने 85 आउटसोर्सिंग कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया था, जिनमें केशव और चंद्रशेखर भी शामिल थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सनसनीखेज वारदात की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। पुलिस के पास अभी कुछ और संदिग्ध नाम भी हैं, जिनकी जांच जारी है। पुलिस अब सरेंडर करने वाले दोनों आरोपियों से पूछताछ कर साजिश की पूरी कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
Location : Badaun
Published : 8 April 2026, 5:48 PM IST