Budaun News: जाम से जूझता शहर: राहगीर परेशान, दुकानदार बेहाल, प्रशासन बेखबर

बदायूं में ओवरब्रिज मरम्मत के लिए बंद होते ही शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। अंडरपास पर भारी जाम, एंबुलेंस तक फंसीं, दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी। पढ़ें पूरी खबर

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 22 June 2026, 7:16 PM IST

Budaun: बदायूं शहर के बीचों-बीच संतोष सिंह तिराहा से भामाशाह चौक (पुलिस लाइन) तक बने प्रमुख ओवरब्रिज को एक महीने के लिए बंद कर दिया गया है। 22 जून से ओवरब्रिज के एक्सपेंशन जॉइंट्स की मरम्मत का काम शुरू हुआ है, जिसके चलते सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित है।

ओवरब्रिज बंद होने के पहले ही दिन वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों का दबाव इस कदर बढ़ा कि पूरा शहर जाम से कराह उठा। अंडरपास रोड से गुजरने वाले राहगीरों को 10 मिनट के सफर में घंटों लग गए। भीषण गर्मी और उमस के बीच जाम में फंसे स्कूली बच्चे, मरीज, बुजुर्ग और दफ्तर जाने वाले लोग बेहाल नजर आए।

वीवीआईपी रोड पर भी जाम का कहर

सबसे ज्यादा परेशानी पोस्टमार्टम हाउस के पास बने अंडरपास रोड पर हुई। यह मार्ग वीवीआईपी रोड की श्रेणी में आता है और यहां से रोजाना अधिकारियों-जनप्रतिनिधियों का आना-जाना लगा रहता है। दोपहर तक इस अंडरपास पर भीषण जाम लगा रहा। एंबुलेंस तक फंसी रहीं, जिससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत हुई।

भीषण गर्मी और लंबा जाम

ट्रैफिक पुलिस सुस्त, दुकानदार बेहाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जाम खुलवाने में ट्रैफिक पुलिस पूरी तरह सुस्त नजर आई। बिल्सी मोड़, दातागंज तिराहा, पुलिस लाइन चौराहा, जेल तिराहा और संतोष सिंह तिराहा जैसे डायवर्जन प्वाइंट पर पुलिस की तैनाती के दावे किए गए थे, लेकिन मौके पर जवान नदारद मिले। e910

अंडरपास के नीचे बनी दुकानों पर भी जाम की मार पड़ी है। ग्राहक न पहुंचने से दुकानदारों का कारोबार ठप हो गया। ठेले-खुमचे और बेतरतीब पार्किंग ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। दुकानदारों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो रोजी-रोटी पर संकट आ जाएगा।

डायवर्जन प्लान फेल, जिला प्रशासन पर सवाल

यातायात पुलिस ने उसावां, ककराला, फर्रुखाबाद, कासगंज, मथुरा, एटा, बिल्सी, बिजनौर और संभल की ओर से आने-जाने वाले वाहनों के लिए डायवर्जन रूट जारी किया था। रोडवेज बसों को भी पुलिस लाइन चौराहा से इंद्रा चौक, दातागंज तिराहा, मझिया मोड़ होते हुए निकाला जा रहा है। लेकिन वैकल्पिक मार्ग संकरे होने और वहां पहले से ट्रैफिक दबाव होने के कारण डायवर्जन प्लान पहले ही दिन फेल होता दिखा।

शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन ने बिना पुख्ता तैयारी के ओवरब्रिज बंद कर दिया। न तो अंडरपास की चौड़ाई बढ़ाई गई, न ही अतिक्रमण हटाया गया। नतीजा- रोजाना हजारों लोग जाम में फंस रहे हैं।

क्या कहते हैं लोग

“मरीज को लेकर जाम में फंसना सबसे बड़ी मुसीबत है। एंबुलेंस भी नहीं निकल पा रही” - सीमा देवी, स्थानीय निवासी।
“रेलवे स्टेशन जाने में देरी हो गई। घर से दूरी कम थी, पर जाम ने दिक्कत बढ़ा दी” - अजय कुमार, रेल यात्री।

शहर बना जाम का अड्डा

प्रशासन का पक्ष

एसडीओ ने पहले बताया था कि मरम्मत कार्य शहर के हित में है और कुछ दिन असुविधा होगी, लेकिन काम पूरा होने के बाद ओवरब्रिज पहले से अधिक सुरक्षित होगा। वहीं एनएचएआई के परियोजना निदेशक उत्कर्ष शुक्ला का कहना है कि स्थानीय लोगों को समस्या न हो, इसके लिए 27 अंडरपास बनाए जा रहे हैं।

फिलहाल बदायूं के लोगों को अगले एक महीने तक इसी तरह जाम से जूझना पड़ेगा। जरूरत है कि जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस डायवर्जन प्लान को सख्ती से लागू करे और अंडरपास से अतिक्रमण हटाकर राहगीरों को राहत दिलाए।

Location :  Badaun

Published :  22 June 2026, 7:16 PM IST