Ram Mandir Trust: क्यों खास हैं राम मंदिर ट्रस्ट के 3 नए चेहरे? जानिए महेश, मदन मोहन और निर्मला यादव का प्रोफाइल

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए 3 नए ट्रस्टी नियुक्त किए गए हैं। वित्तीय और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से हुई इस नियुक्ति में महेश भागचंदका, वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडे और ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य निर्मला यादव शामिल हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 September 2026, 6:33 PM IST

Ayodhya: अयोध्या में राम मंदिर के कामकाज और मैनेजमेंट को संभालने वाले 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' में तीन नए सदस्य शामिल किए गए हैं। इन नियुक्तियों को ट्रस्ट के एडमिनिस्ट्रेटिव स्ट्रक्चर को मजबूत करने और कामकाज में बेहतर तालमेल बिठाने के लिए अहम माना जा रहा है। खास बात यह है कि ये तीनों नए ट्रस्टी अलग-अलग बैकग्राउंड से आते हैं।

महेश भागचंदका का अशोक सिंघल से कनेक्शन

दिल्ली के रहने वाले महेश भागचंदका नए ट्रस्ट सदस्यों में शामिल हैं। उन्हें विश्व हिंदू परिषद (VHP) के दिवंगत नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार के तौर पर भी जाना जाता है। अशोक सिंघल ने राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी; इसलिए, भागचंदका की नियुक्ति को आंदोलन से जुड़े इन पुराने संबंधों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

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वरिष्ठ अधिवक्ता हैं मदन मोहन पांडे

अयोध्या के रहने वाले मदन मोहन पांडे पेशे से एक सीनियर वकील हैं। वह लंबे समय से कोर्ट में 'राम लला' का पक्ष रखने वाली कानूनी टीम का हिस्सा रहे हैं और राम जन्मभूमि मामले से लंबे समय से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल के दौरान उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट में एडिशनल एडवोकेट जनरल के तौर पर काम किया। कानूनी मामलों में उनका अनुभव ट्रस्ट के लिए उनकी अहमियत को बढ़ाता है।

निर्मला यादव बनीं पहली महिला ट्रस्टी

फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद की रहने वाली निर्मला यादव की नियुक्ति अहम है क्योंकि वह 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' की पहली महिला सदस्य बनी हैं। उनके शामिल होने से ट्रस्ट के बोर्ड में महिलाओं की भागीदारी और क्षेत्रीय संतुलन, दोनों के मजबूत होने की उम्मीद है।

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इस्तीफों के बाद खाली हुए थे पद

ट्रस्ट में हुए बदलावों के बाद ये नियुक्तियां जरूरी हो गई थीं। चंदा के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर हुए विवाद के बीच कुछ पदाधिकारियों जिनमें पूर्व जनरल सेक्रेटरी चंपत राय और अनिल मिश्रा शामिल थे के इस्तीफे के बाद कुछ पद खाली हो गए थे। इसके बाद, अयोध्या में मणिराम दास छावनी में हुई एक अहम बैठक में नए सदस्यों के नामों पर सहमति बनी। इन नियुक्तियों का मकसद पारदर्शिता और सुचारू कामकाज पर जोर देते हुए मंदिर के एडमिनिस्ट्रेटिव और फाइनेंशियल कामकाज को मजबूत करना है।

Location :  Ayodhya

Published :  2 September 2026, 6:33 PM IST