
आठ आरोपियों के घरों पर पुलिस की छापेमारी (फोटो: AI, X)
Ayodhya: राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। रविवार सुबह पुलिस ने जेल में बंद आठों आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान आरोपियों के परिजनों से पूछताछ की गई और आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई गई। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और बरामद रकम के स्रोत की भी पड़ताल की जा रही है। इस बीच यह भी जानकारी हैं कि चंदा चोरी के लिए जेल में बंद आरोपी रात भर करवट बदलते रहे और काफी बैचेन नजर आये। दूसरी तरफ कुछ आरोपी पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने जब उनके घर पर दबिश दी तो वे वहां नहीं मिले।
पुलिस ने रविवार सुबह करीब सात बजे कार्रवाई शुरू की। इस अभियान में छह अलग-अलग पुलिस टीमों को लगाया गया था। सभी टीमों ने एक साथ अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के घरों की तलाशी ली और उनके परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। साथ ही आसपास के लोगों से भी मामले से जुड़ी जानकारी एकत्र की गई।
छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर पर ताला लगा मिला। पुलिस ने अन्य आरोपियों के घरों की भी जांच की। इस कार्रवाई में राजस्व विभाग के अधिकारियों और लेखपालों को भी शामिल किया गया ताकि आरोपियों की संपत्ति, जमीन और अन्य अभिलेखों की जांच की जा सके। जांच एजेंसियों को आशंका है कि कथित गबन की गई राशि का कुछ हिस्सा आरोपियों के घरों या अन्य ठिकानों पर छिपाया गया हो सकता है। इसी संभावना को देखते हुए पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान अब तक करीब 79 लाख 85 हजार रुपये बरामद किए जा चुके हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद धनराशि का संबंध कथित गबन से है या नहीं। बरामद नकदी और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
इस मामले में पहली FIR 25 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई थी। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया। 26 जून को सभी आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अब सोमवार को सभी आरोपियों को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी।
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंपी। रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को पहली FIR दर्ज की गई, जिसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ लोगों को नामजद किया गया।
छापेमारी के दौरान पुलिस आरोपी अविनाश शुक्ला के कौशलपुरी स्थित आवास पर भी पहुंची। हालांकि वह वहां मौजूद नहीं मिले। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की। स्थानीय दुकानदार राहुल कुमार ने बताया कि अविनाश शुक्ला कौशलपुरी में रहते थे और एक योग केंद्र से जुड़े हुए थे। उन्होंने यह भी बताया कि वह समय-समय पर अपने पैतृक गांव भी आते-जाते रहते थे।
चढ़ावा विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में भी बड़े बदलाव हुए हैं। शनिवार को ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि की। हालांकि ट्रस्ट की ओर से इन बदलावों के कारणों पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इन घटनाक्रमों को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन इन्हें जांच से जोड़ने संबंधी किसी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
जेल सूत्रों के अनुसार, फैजाबाद जेल में बंद सभी आठ आरोपियों की पहली रात बेचैनी में गुजरी। बताया जा रहा है कि अधिकांश आरोपी पूरी रात सो नहीं सके और मामले को लेकर आपस में चर्चा करते रहे। सूत्रों के मुताबिक उनके बीच कई बार कहासुनी भी हुई। हालांकि इस संबंध में जेल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और गहन तरीके से की जा रही है। बरामद धनराशि, आरोपियों की संपत्तियों और अन्य दस्तावेजों की जांच जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Location : Ayodhya
Published : 28 June 2026, 4:16 PM IST