
अब पारदर्शी होगी राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती (Img: Canva)
Ayodhya: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद, ट्रस्ट ने सुरक्षा के इंतजाम काफी मजबूत कर दिए हैं। अब दान की गिनती कड़ी निगरानी में की जाती है। नई व्यवस्था के तहत, कर्मचारियों को कई स्तरों पर जांच से गुजरना पड़ता है गिनती वाले कमरे में घुसने से लेकर बाहर निकलने तक ताकि भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे।
नई व्यवस्था के तहत, पुलिस के साथ-साथ प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी SIS को भी अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। दोनों एजेंसियों के सुरक्षाकर्मी गिनती वाले कमरे के प्रवेश द्वार पर तैनात रहते हैं। कर्मचारियों को अंदर जाने से पहले अपना पहचान पत्र दिखाना होता है, जिसके बाद मेटल डिटेक्टर से स्कैनिंग और हाथ से तलाशी (मैनुअल फ्रिस्किंग) की जाती है। इसी तरह, बाहर निकलते समय भी हर कर्मचारी की दोबारा जांच होती है।
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दान की गिनती में शामिल कर्मचारियों के लिए कई नए नियम लागू किए गए हैं। गिनती वाले कमरे में केवल तय नीली यूनिफॉर्म पहनकर ही प्रवेश की अनुमति है। इस यूनिफॉर्म को बिना जेब के डिज़ाइन किया गया है ताकि कोई भी चीज छिपाई न जा सके। मोबाइल फोन, बैग या अन्य निजी सामान साथ लाना पूरी तरह मना है।
फिलहाल, लगभग 23 कर्मचारी चढ़ावे की गिनती के काम में लगे हैं। यह प्रक्रिया रोजाना सुबह 10:00 बजे से रात 8:00 बजे के बीच की जाती है। पूरे परिसर की निगरानी के लिए हर समय छह से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। गिनती पूरी होने के बाद, धनराशि को व्यवस्थित किया जाता है और तय समय पर कमरे को लॉक कर दिया जाता है।
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गिनती वाले कमरे में आने या वहां से जाने वाले हर कर्मचारी का नाम, मोबाइल नंबर और अन्य विवरण एक रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। रात में तय समय के बाद कमरा नहीं खोला जाता; कर्मचारियों को कमरा लॉक होने के बाद ही बाहर जाने की अनुमति होती है। हालांकि, ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था में किए गए इन बदलावों के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। नई व्यवस्था का मकसद चढ़ावे की गिनती को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना है।
Location : Ayodhya
Published : 17 July 2026, 3:04 PM IST