बरेली में आशा वर्कर्स का प्रदर्शन: इन मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, बोली- दोबारा आंदोलन शुरू करेंगी

बरेली में आशा वर्कर्स यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और डीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भुगतान और अन्य मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। साल 2019 से लंबित प्रोत्साहन राशि और उत्पीड़न के मुद्दे को भी उठाया गया।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 24 March 2026, 7:09 PM IST

Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में आशा वर्कर्स एक बार फिर अपनी मुख्य मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आई है। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की जिला अध्यक्ष शिववती साहूके नेतृत्व में बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने सेठ दामोदर स्वरूप पार्क से प्रदर्शन शुरू किया और जिला अधिकारी कार्यालय तक पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया गया।

पहले भी हुआ था आंदोलन

यूनियन की अध्यक्ष ने बताया कि 6 फरवरी को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के साथ बातचीत के बाद 55 दिनों से चल रहा आंदोलन खत्म किया गया था। उस समय सरकार ने कई मांगों पर सहमति जताई थी और एक समिति बनाकर आगे बातचीत का आश्वासन दिया था। 9 फरवरी को बैठक भी हुई लेकिन उसके बाद से अब तक तीसरे चरण की वार्ता नहीं हो सकी है।

भुगतान और उत्पीड़न का मुद्दा

आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि सरकार के आश्वासन के बावजूद अब तक उनकी मुख्य मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। खासकर भुगतान बढ़ाने और लंबित प्रोत्साहन राशि देने को लेकर कोई प्रगति नहीं हुई है। उनका आरोप है कि कई जिलों में आशा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न भी किया जा रहा है।

कई सालों से लंबित हैं पैसे

यूनियन के मुताबिक, साल 2019 से लेकर 2023-24 तक की प्रोत्साहन राशि का बड़ा हिस्सा अब तक नहीं मिला है। इतना ही नहीं, भुगतान मांगने पर कुछ जगहों पर धमकाने और अवैध वसूली की शिकायतें भी सामने आई हैं।

काम ज्यादा, भुगतान कम

आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे आभा आईडी, आयुष्मान कार्ड, टीबी, कुष्ठ, फाइलेरिया, टीकाकरण और नसबंदी जैसे कई काम करती हैं लेकिन इनका भुगतान समय पर नहीं मिलता। कुछ जगहों पर वैक्सीन कोरियर जैसे अतिरिक्त काम भी उनसे कराए जा रहे हैं। जिनका कोई भुगतान नहीं किया जाता।

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क्या हैं मुख्य मांगें

यूनियन ने मांग की है कि जल्द से जल्द तीसरे चरण की वार्ता कर समझौते को अंतिम रूप दिया जाए। साथ ही सभी लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाए और अवैध वसूली पर रोक लगाने के लिए सख्त आदेश जारी किए जाएं।यूनियन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई। वे दोबारा आंदोलन शुरू करेंगी। इस प्रदर्शन में कई आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं और सभी ने एकजुट होकर अपनी आवाज उठाई।

Location : 
  • Bareilly

Published : 
  • 24 March 2026, 7:09 PM IST