कासगंज जंक्शन पर इंसानियत की मिसाल: ट्रेन में मिली बेसहारा बच्ची, कपड़ों से पता चली उम्र

कासगंज जंक्शन पर ट्रेन के लगेज कोच में चार दिन की नवजात बच्ची अकेली मिली। आरपीएफ और चाइल्ड लाइन की तत्परता से बच्ची को सुरक्षित जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मासूम के परिजन का पता लगाने की कोशिश जारी है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 6 March 2026, 9:37 PM IST

Kasganj: कासगंज जंक्शन पर मंगलवार दोपहर एक ऐसी घटना सामने आई। जिसने लोगों के दिल को झकझोर दिया। लखनऊ कासगंज जंक्शन पैसेंजर ट्रेन के लगेज कोच में चार दिन की नवजात बच्ची रोती हुई मिली। वह कपड़ों में लिपटी हुई थी। मानो किसी सहारे की तलाश में है। घटना के समय आरपीएफ उपनिरीक्षक अर्जुन कुमार, हेड कांस्टेबल हरवंश सिंह और रामफूल मीणा प्लेटफार्म संख्या-1 पर गाड़ी संख्या 55345 की नियमित जांच कर रहे थे।

आरपीएफ की तत्परता ने बचाई बच्ची की जान

जैसे ही ट्रेन के लगेज कोच से रोने की आवाज आई, आरपीएफ कर्मी तुरंत कोच में पहुंचे। वहां उन्हें बच्ची मिली, जो पूरी तरह अकेली और बेसहारा थी। ट्रेन में बैठे हुए यात्रियों से पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने बच्ची को अपनी संतान होने की जानकारी नहीं दी। महिला यात्रियों की मदद से नवजात बच्ची को प्लेटफार्म पर सुरक्षित स्थान पर रखा गया। स्टेशन पर कई बार अनाउंसमेंट भी किया गया लेकिन परिजन का कोई पता नहीं चल सका।

कासगंज में दिल दहला देने वाली वारदात, बेटे के सामने मां की बेरहमी से हत्या, जानिये रिश्ते को शर्मसार करने वाला मामला

मासूम की पहचान और स्वास्थ्य देखभाल

बच्ची के कपड़ों पर आकांक्षा नर्सिंग होम, बजरिया, फर्रुखाबाद लिखा मिला। जिससे अंदाजा लगाया गया कि बच्ची सिर्फ तीन से चार दिन की है। इस सूचना के बाद आरपीएफ ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को सूचित किया। चाइल्ड लाइन के सुपरवाइजर योगेश श्रीवास्तव और उनकी टीम मौके पर पहुंचीं। स्टेशन मास्टर मुकेश कुमार मीणा की मौजूदगी में शाम करीब 4:30 बजे सभी औपचारिकताएं पूरी कर बच्ची को चाइल्ड लाइन की टीम के सुपुर्द कर दिया गया।

केसीसी ब्याज दर पर सवाल: बदायूं में 7%, बरेली-कासगंज में 3% क्यों? जाने पूरा मामला

बच्ची को जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। जिससे उसकी उचित देखभाल हो सके। नर्सिंग होम से संपर्क कर मासूम के परिजन की तलाश की जा रही है।

संवेदनशीलता ने बचाई नन्ही जिंदगी

इस घटना ने जहां लोगों के दिल को झकझोर दिया, वहीं आरपीएफ की तत्परता और संवेदनशीलता ने एक नन्ही जिंदगी को नया सहारा दिया। ट्रेन के लगेज कोच में अकेली मिली नवजात बच्ची की सुरक्षा और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखा गया। प्रशासन और चाइल्ड लाइन की टीम लगातार परिजनों की तलाश में जुटी हुई है।

Location : 
  • Kasganj

Published : 
  • 6 March 2026, 9:37 PM IST