
Maharajganj: जिले के बृजमनगंज ब्लॉक के परसौना गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है। जिसने गांव के विकास कार्यों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। कागजों में लाखों रुपये खर्च दिखाए गए। जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। ग्रामीणों ने बताया कि कई काम सिर्फ फाइलों में पूरे हो गए, जबकि मौके पर कुछ भी नजर नहीं आता।
परसौना ग्राम पंचायत में वित्तीय साल 2021-22 के दौरान हुए विकास कार्यों में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता ने शपथपत्र देकर आरोप लगाया है कि बाबूलाल सहानी के घर से सत्य प्रकाश के घर तक बनने वाली आरसीसी सड़क का भुगतान तो कर दिया गया। सड़क का निर्माण जमीन पर नहीं हुआ। इस मामले ने पूरे गांव में चर्चा और नाराजगी का माहौल बना दिया है।
सिर्फ सड़क ही नहीं, बल्कि आरआरसी यानी कचरा डंपिंग सेंटर के निर्माण में भी गड़बड़ी की बात सामने आई है। आरोप है कि आधा-अधूरा काम कराकर पूरा पैसा निकाल लिया गया। इसके अलावा इंडिया मार्का हैंडपंप के रिबोर के नाम पर भी फर्जी भुगतान किए जाने का दावा किया गया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्ट्रीट लाइट और कड़ादान लगाने के नाम पर भी सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। कागजों में इन सुविधाओं को दिखाया गया, लेकिन हकीकत में इनका कोई अता-पता नहीं है। इससे साफ तौर पर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है।
इन सभी आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी महराजगंज ने जांच के आदेश दिए थे। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी की ओर से अवर अभियंता रफीउल्लाह को जांच सौंपी गई और 6 अप्रैल 2026 को स्थलीय निरीक्षण तय हुआ। लेकिन तय तारीख बीत जाने के बावजूद जांच अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
गांव के लोगों का आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी अरुण कुमार ठाकुर अपने ऊपर लगे आरोपों को दबाने के लिए जांच प्रक्रिया में देरी करवा रहे हैं। अब ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। जिससे गांव के विकास के नाम पर हो रही धांधली पर रोक लग सके।
Location : Maharajganj
Published : 23 April 2026, 8:03 PM IST
Topics : Corruption Investigation Maharajganj village