आगरा नगर निगम में निजी कंपनी को ठेका देने पर बवाल, कर्मचारियों ने किया विरोध प्रदर्शन

आगरा नगर निगम में सफाई कार्य के लिए जारी किए गए नए निजी टेंडर को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों, सफाई मित्रों और ड्राइवरों ने पुराने कर्मचारियों की नौकरी पर संकट आने की आशंका जताई है।

Post Published By: Prashant Sharma
Updated : 3 November 2026, 5:28 PM IST

Agra: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक खबर सामने आई है, जहां नगर निगम में सफाई कार्य के लिए जारी किए गए नए निजी टेंडर को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों, सफाई मित्रों और ड्राइवरों ने पुराने कर्मचारियों की नौकरी पर संकट आने की आशंका जताई है। कर्मचारियों का कहना है कि निजी कंपनियों को सफाई कार्य सौंपने की नई व्यवस्था से वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। इसे लेकर टेंडर वापस लेने और रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई जा रही है।

नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराने की अपील(img-dynamite news)

कर्मचारी नेताओं ने टेंडर प्रक्रिया पर उठाए सवाल

इस मुद्दे पर कर्मचारियों से 22 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराने की अपील की गई थी। कर्मचारियों से बड़ी संख्या में एकजुट होकर निजी टेंडर का विरोध करने का आह्वान किया गया। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो सफाई कार्य ठप करने जैसा कदम उठाया जा सकता है।

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निजी कंपनी को ठेका देने के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन

उनका कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था को लंबे समय से संभाल रहे कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं हो सकती है। कर्मचारी चाहते हैं कि टेंडर की शर्तों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाए। साथ ही यह बताया जाए कि नई व्यवस्था लागू होने पर वर्तमान सफाई मित्रों, ड्राइवरों और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित रहेगी या नहीं।

कर्मचारियों की प्रमुख मांग

फिलहाल कर्मचारियों की प्रमुख मांग निजी टेंडर को वापस लेने और रोजगार की सुरक्षा को लेकर साफ-साफ आश्वासन देने की है। देखना अब यह होगा कि टेंडर की शर्तों और प्रशासन के आधिकारिक पक्ष के सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नई व्यवस्था में मौजूदा कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए क्या प्रावधान किए जा रहे हैं।

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आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के भविष्य पर सवाल बरकरार

मामला सार्वजनिक शौचालयों के कर्मचारियों को महज 2 हजार रुपये मजदूरी देने का है। साथ ही कम मजदूरी को लेकर कर्मचारी नेताओं ने जताई नाराजगी भी जताते हुए उचित भुगतान की मांग की। अपर नगर आयुक्त ने मजदूरी की जांच सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम को सौंपी है। बता दें कि जांच के बाद मजदूरी की वास्तविक स्थिति तय होगी।

Location :  Agra

Published :  3 November 2026, 5:28 PM IST