क्या समुद्री रास्ते खुलते ही आगरा का जूता-हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट फिर पकड़ेगा रफ्तार? निर्यातकों में उत्साह

ईरान-अमेरिका युद्ध विराम की खबर से आगरा के जूता और हैंडीक्राफ्ट निर्यातकों में उत्साह है। समुद्री रास्ते सामान्य होने और लॉजिस्टिक लागत घटने की उम्मीद से रुके हुए ऑर्डर फिर से शुरू होने की संभावना बढ़ गई है, जिससे निर्यात कारोबार को नई गति मिल सकती है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 18 June 2026, 1:03 PM IST

Agra: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम की खबर ने आगरा के जूता और हैंडीक्राफ्ट निर्यातकों में नया उत्साह भर दिया है। लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय तनाव और लाल सागर (रेड सी) संकट के कारण परेशान चल रहे निर्यातकों को अब कारोबार के फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद नजर आ रही है। समुद्री मार्गों में सुधार और शांति की स्थिति बनने से व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।

समुद्री मार्ग सामान्य होने से लागत में कमी की उम्मीद

निर्यातकों का मानना है कि यदि समुद्री रास्ते सामान्य हो जाते हैं तो मालभाड़े में आई भारी वृद्धि कम होगी। इससे लॉजिस्टिक लागत में भी कमी आएगी, जो पिछले कई महीनों से कारोबार पर भारी दबाव बना रही थी। लंबे मार्ग जैसे केप ऑफ गुड होप के जरिए माल भेजने के कारण समय और खर्च दोनों बढ़ गए थे। अब स्थिति सामान्य होने पर शिपिंग समय घटेगा और निर्यात प्रक्रिया पहले जैसी सुचारू हो सकेगी।

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आगरा के निर्यात उद्योग का बड़ा योगदान

आगरा से हर साल लगभग 3,500 से 4,000 करोड़ रुपये का लेदर और नॉन-लेदर जूता यूरोप, अमेरिका और खाड़ी देशों को निर्यात किया जाता है। यह शहर देश के प्रमुख फुटवियर निर्यात केंद्रों में शामिल है। आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर (एफमेक) के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता के अनुसार, युद्ध विराम लागू होने पर निर्यात व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इससे जूतों में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोलियम आधारित उत्पादों जैसे सोल और केमिकल की बढ़ती कीमतों पर भी कुछ नियंत्रण लग सकता है।

हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को भी राहत की उम्मीद

हैंडीक्राफ्ट उद्योग भी पिछले कुछ समय से बढ़ी हुई लॉजिस्टिक लागत और देरी की समस्या से जूझ रहा है। हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अस्थाना ने कहा कि यह युद्ध विराम उद्योग के लिए “संजीवनी” साबित हो सकता है। उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में कमी आने की संभावना है, जिससे समग्र लागत पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

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व्यापारिक गतिविधियों में तेजी की संभावना

युद्ध और समुद्री मार्गों के बदलाव के कारण अब तक कंटेनर भाड़ा कई गुना बढ़ गया था और माल की डिलीवरी में काफी देरी हो रही थी। इससे विदेशी खरीदारों के ऑर्डर प्रभावित हुए थे। अब समुद्री रास्तों के सुरक्षित और सामान्य होने से कंटेनर फ्रेट चार्ज में गिरावट आने की उम्मीद है। निर्यातकों को भरोसा है कि विदेशी खरीदारों के रुके हुए ऑर्डर फिर से आगरा के कारखानों तक पहुंचेंगे, जिससे जिले के निर्यात कारोबार को नई रफ्तार मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों में मजबूती आएगी।

Location :  Agra

Published :  18 June 2026, 1:03 PM IST