सड़क हादसे का बनाया गया नाटक, लेकिन CCTV ने उजागर कर दी असगर अली हत्याकांड की पूरी साजिश

आगरा के शाहगंज क्षेत्र स्थित मल्ल का चबूतरा में ट्रांसपोर्टर असगर अली की मौत अब सड़क हादसा नहीं मानी जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि कार से टक्कर मारकर उनकी सुनियोजित तरीके से हत्या की गई थी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 11 May 2026, 11:22 AM IST

Agra: आगरा के शाहगंज क्षेत्र स्थित मल्ल का चबूतरा में ट्रांसपोर्टर असगर अली की मौत अब सड़क हादसा नहीं मानी जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि कार से टक्कर मारकर उनकी सुनियोजित तरीके से हत्या की गई थी। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अब दुर्घटना की धाराओं को हत्या की धाराओं में बदल दिया है। मामले में जीएसटी अधिकारी के पति के करीबी रवि यादव को आरोपी बनाया गया है।

3 अप्रैल की रात से शुरू हुई घटना

शाहगंज की मेवाती गली निवासी असगर अली 3 अप्रैल की रात अपनी ट्रांसपोर्ट कंपनी से ट्रक में जूते का माल लेकर जयपुर के लिए निकले थे। रास्ते में फतेहपुर सीकरी के कौरई टोल के पास जीएसटी के सचल दस्ते ने ट्रक को रोक लिया। इसके बाद ट्रक और चालक को जयपुर हाउस स्थित जीएसटी कार्यालय भेज दिया गया। बताया गया कि असगर अली वहां से अकेले लौटे थे।

अगली सुबह 4 अप्रैल को मल्ल का चबूतरा क्षेत्र में उनका शव मिला। सीसीटीवी फुटेज में असगर अली पैदल जाते दिखाई दिए तभी एक कार ने उन्हें टक्कर मारी और मौके से फरार हो गई। शुरुआत में पुलिस इसे सामान्य सड़क हादसा मान रही थी।

जांच में सामने आई साजिश

मृतक के परिजनों ने शुरुआत से ही महिला जीएसटी अधिकारी, उनके पति, चालक, रवि यादव और अन्य लोगों पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। पुलिस जांच के दौरान रवि यादव की लोकेशन घटनास्थल और कार छिपाने वाली जगह पर मिली। इससे संदेह गहरा गया।

जांच में पता चला कि कार का चालक जालौन निवासी प्रेम नारायण था, जो आगरा की एक गोशाला में काम करता है। कार भी उसी के पास रहती थी। पुलिस के अनुसार रवि यादव खुद को जीएसटी अधिकारी के पति का रिश्तेदार बताता था। घटना के बाद आरोपी भूमिगत हो गए। रवि यादव की लोकेशन प्रयागराज में मिलने के बाद उसकी तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है।

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जीएसटी अधिकारी से चल रहा था विवाद

असगर अली और जीएसटी अधिकारी के बीच पहले से विवाद चल रहा था। असगर का आरोप था कि वसूली की रकम न देने पर उनके ट्रक का गलत तरीके से चालान किया गया। दूसरी ओर जीएसटी अधिकारी ने असगर अली पर चौथ मांगने का मुकदमा दर्ज कराया था।

मौत से दो दिन पहले असगर अली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी जान को खतरा बताया था। उन्होंने रवि यादव और उसके साथियों पर धमकी देने, समझौते का दबाव बनाने और भ्रामक पोस्ट फैलाने के आरोप लगाए थे।

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पुलिस का बयान

डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले में मिले साक्ष्यों के आधार पर हत्या की धाराएं बढ़ाई गई हैं। जांच में जीएसटी कार्यालय से जुड़े वसूली के तार भी सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Agra

Published :  11 May 2026, 11:22 AM IST