Bareilly News: किसी का बच्चा बीमार, किसी की होने वाली सर्जरी; जनगणना ड्यूटी से बचने के लिए लगा रहे गुहार!

बरेली में 16 नवंबर से प्रस्तावित जनगणना की ड्यूटी को लेकर सरकारी कर्मचारी परेशान हैं। कोई गंभीर बीमार बच्चे की देखभाल तो कोई अपने ऑपरेशन का हवाला देकर ड्यूटी से राहत मांग रहा है। विकास भवन में मेडिकल रिपोर्ट लेकर पहुंच रहे कर्मचारियों के अधिकांश आवेदन बुधवार को निरस्त कर दिए गए। जानिए प्रशासन ने क्या बताया।

Post Published By: Prashant Sharma
Updated : 5 November 2026, 7:39 PM IST

Bareilly: बरेली में जनगणना की ड्यूटी को लेकर सरकारी कर्मचारियों के बीच हलचल तेज हो गई है। किसी के घर में नौ महीने का बच्चा गंभीर निमोनिया से जूझ रहा है तो किसी को खुद ऑपरेशन कराना है। कोई अस्पताल में इलाज कराने की मजबूरी बता रहा है तो कोई पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देकर ड्यूटी से राहत मांग रहा है। जनगणना की जिम्मेदारी से बचने के लिए अब कर्मचारी मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों के पर्चे लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। विकास भवन में इन दिनों ऐसे कर्मचारियों की भीड़ जुट रही है, जो किसी न किसी वजह से जनगणना की ड्यूटी नहीं करना चाहते।

16 नवंबर से शुरू होना है जनगणना का काम

बरेली जिले में जनगणना की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्रशासन की ओर से 16 नवंबर से जनगणना का काम शुरू होना प्रस्तावित है। इसके लिए अलग-अलग सरकारी विभागों के कर्मचारियों का चयन कर उनकी ड्यूटी लगाई गई है। चयनित कर्मचारियों को निर्धारित क्षेत्रों में पहुंचकर घरों और परिवारों से संबंधित जानकारियां जुटानी होंगी। इसके साथ ही एकत्र की गई जानकारी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज करना होगा।

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विकास भवन में मेडिकल रिपोर्ट लेकर पहुंच रहे कर्मचारी

जनगणना की ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए विकास भवन में लगातार आवेदन पहुंच रहे हैं। कर्मचारी अधिकारियों के सामने अपनी परिस्थितियां रख रहे हैं। कई लोग हाथों में मेडिकल रिपोर्ट, डॉक्टर के पर्चे और इलाज से जुड़े दूसरे दस्तावेज लेकर पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में जनगणना की जिम्मेदारी निभाना उनके लिए मुश्किल होगा। ड्यूटी से छूट देने के लिए प्रशासन की ओर से गठित बोर्ड इन आवेदनों की जांच कर रहा है। कर्मचारियों की ओर से बताई गई बीमारी और दूसरी परिस्थितियों को निर्धारित मानकों के आधार पर परखा जा रहा है।

नौ महीने का बच्चा गंभीर निमोनिया से पीड़ित

ड्यूटी से राहत मांगने पहुंची किरण गंगवार ने अपने परिवार की परेशानी अधिकारियों के सामने रखी। वह ब्लॉक भददुरा में सहायक शिक्षक के पद पर तैनात हैं। किरण के मुताबिक, उनका नौ महीने का बच्चा गंभीर निमोनिया से पीड़ित है। डॉक्टर ने बच्चे की बीमारी को गंभीर बताते हुए इलाज की सलाह दी है। ऐसे में बच्चे की देखभाल और इलाज के चलते उनके लिए जनगणना की ड्यूटी करना मुश्किल हो रहा है। किरण गंगवार अपनी बात रखने के लिए बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट भी लेकर विकास भवन पहुंचीं। उन्होंने बोर्ड के अधिकारियों को रिपोर्ट दिखाते हुए परिस्थितियों से अवगत कराया और ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की।

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त्योहार के तुरंत बाद होना है ऑपरेशन

इसी तरह ब्लॉक मीरगंज के रयैया नगला में तैनात सविता शर्मा भी मेडिकल रिपोर्ट लेकर अधिकारियों के सामने पहुंचीं। उन्होंने बताया कि त्योहार के तुरंत बाद उनका ऑपरेशन होना है। डॉक्टर ने उन्हें निर्धारित समय पर सर्जरी कराने की सलाह दी है। ऐसे में जनगणना की ड्यूटी निभाना उनके लिए परेशानी का कारण बन सकता है। सविता शर्मा के मुताबिक, उन्होंने बोर्ड के सामने अपनी स्वास्थ्य संबंधी स्थिति स्पष्ट की और मेडिकल जांच से जुड़े सभी दस्तावेज भी प्रस्तुत किए।

मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर मिलेगा फैसला

जनगणना की ड्यूटी से राहत मांगने वाले कर्मचारियों के आवेदनों पर प्रशासन की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत निर्णय लिया जा रहा है। जिला विकास अधिकारी दिनेश कुमार यादव ने बताया कि जिन कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई गई है और जो बीमारी के आधार पर राहत मांग रहे हैं, उनके मामलों की जांच सीएमओ की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड से कराई जाती है। उन्होंने बताया कि मेडिकल बोर्ड कर्मचारियों की स्वास्थ्य संबंधी स्थिति का परीक्षण करता है। इसके बाद बोर्ड की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर ही ड्यूटी से राहत देने का निर्णय लिया जाता है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि वास्तविक चिकित्सकीय परेशानी वाले मामलों की जांच हो और निर्धारित मानकों के अनुसार फैसला किया जाए।

Location :  Bareilly

Published :  5 November 2026, 7:39 PM IST