मैनपुरी के किरतपुर स्थित एक कंपोजिट विद्यालय में कीड़े मारने की दवा देने के बाद दो दर्जन से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। दवा खाने के बाद बच्चों को उल्टी, चक्कर और पेट दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश बच्चों की हालत अब स्थिर है।

Mainpuri: जनपद मैनपुरी से एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां स्कूल में बच्चों को कीड़े मारने की दवा दिए जाने के बाद करीब दो दर्जन से अधिक छात्रों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। यह घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के किरतपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय की बताई जा रही है। दवा खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी, चक्कर, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत होने लगी, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
अचानक बिगड़ी बच्चों की हालत
जानकारी के अनुसार, स्कूल में नियमित कार्यक्रम के तहत बच्चों को कीड़े मारने की दवा दी गई थी। लेकिन दवा लेने के कुछ समय बाद ही कई बच्चों को उल्टी, चक्कर आना और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। कुछ बच्चों की हालत ज्यादा खराब होने पर शिक्षकों और स्कूल प्रशासन ने तुरंत परिजनों को सूचना दी और स्वास्थ्य विभाग को भी अवगत कराया।
सभी बच्चों को जिला अस्पताल में कराया गया भर्ती
स्थिति गंभीर होते देख आनन-फानन में सभी प्रभावित बच्चों को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया। डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश बच्चों की हालत अब स्थिर है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) समेत कई वरिष्ठ डॉक्टर जिला अस्पताल पहुंचे और बच्चों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। अस्पताल में अतिरिक्त डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की भी तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
प्राथमिक जांच में लापरवाही के संकेत
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि स्कूल में बच्चों को दवा डॉक्टर या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की निगरानी के बिना दी गई। इसके अलावा बच्चों की उम्र और दवा की खुराक से जुड़ी आवश्यक सावधानियों का पालन भी नहीं किया गया। इसी लापरवाही के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
अभिभावकों में नाराजगी, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद बच्चों के अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी गई। परिजनों ने स्कूल प्रशासन और संबंधित विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल परिसर में भी बड़ी संख्या में परिजन मौजूद रहे।
जांच के आदेश, कार्रवाई का आश्वासन
जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम बच्चों की सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है और स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है। यह घटना एक बार फिर स्कूलों में स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों को सुरक्षित तरीके से लागू करने की जरूरत पर सवाल खड़े करती है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाये।