
जिला कृषि अधिकारी का बड़ा बयान आया सामने (IMG: Dynamite News)
Maharajganj: भारत-नेपाल सीमा पर खाद तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) को बड़ी सफलता मिली है। महराजगंज जिले में सीमा पार नेपाल भेजी जा रही 3.15 टन यूरिया खाद की खेप को एसएसबी ने समय रहते पकड़ लिया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में 70 बोरी यूरिया से लदी एक पिकअप वाहन को जब्त किया गया, जबकि चालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में चालक ने अधिक मुनाफे के लिए खाद नेपाल ले जाकर बेचने की बात स्वीकार की है। अब पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है।
66वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की बीओपी बैरिया बाजार टीम को गुरुवार तड़के करीब चार बजे सूचना मिली कि एक पिकअप वाहन के जरिए बड़ी मात्रा में यूरिया खाद नेपाल भेजी जा रही है। सूचना मिलते ही एसएसबी की टीम सक्रिय हो गई और सम्पतिहा पावर हाउस के पास सीमा स्तंभ संख्या 531/22 से करीब 131 मीटर भारतीय सीमा के भीतर नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान महिंद्रा मैक्स सिटी पिकअप (UP 53 JT 5120) से कुल 70 बोरी यूरिया खाद बरामद की गई। प्रत्येक बोरी में 45 किलोग्राम यूरिया भरी थी। इस तरह कुल 3,150 किलोग्राम यानी 3.15 टन यूरिया जब्त की गई। एसएसबी ने मौके पर ही यूरिया की खेप, पिकअप वाहन और उससे जुड़े दस्तावेजों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
गिरफ्तार चालक की पहचान 45 वर्षीय मंटू उपाध्याय पुत्र स्वर्गीय योगेंद्र नाथ उपाध्याय, निवासी मोहनपुर, पोस्ट उरुवा बाजार, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है। एसएसबी के अनुसार पूछताछ में चालक ने स्वीकार किया कि वह अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से यह यूरिया नेपाल के मंझरिया गांव स्थित एक दुकानदार को बेचने ले जा रहा था। इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियां अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही हैं।
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पूरे मामले की सूचना जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र प्रताप सिंह को भी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि एसएसबी से मिले दस्तावेजों और जब्त यूरिया की खरीद, परिवहन तथा उपयोग से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। यदि जांच में उर्वरक की खरीद, परिवहन या उपयोग में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा तस्करी की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसएसबी अधिकारियों का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा पर खाद, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुओं की अवैध तस्करी रोकने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हाल की इस कार्रवाई से सरकारी सब्सिडी वाली यूरिया की बड़ी खेप नेपाल जाने से बच गई है। अधिकारियों के मुताबिक सीमा पर बढ़ी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिससे तस्करी करने वाले गिरोहों के मंसूबे लगातार नाकाम हो रहे हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस अवैध कारोबार से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
Location : Maharajganj
Published : 30 July 2026, 5:02 PM IST