32 हादसे, 26 मौतें… फिर क्यों नहीं रुकी रफ्तार? सड़क सुरक्षा बैठक में डीएम का सख्त एक्शन, अधिकारियों में मचा हड़कंप

महराजगंज में सड़क हादसों के बढ़ते आंकड़ों ने प्रशासन को झकझोर दिया है। 32 दुर्घटनाओं में 26 मौतों के बाद डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। ब्लैक स्पॉट सुधार, स्कूल वाहनों की जांच और ट्रामा सेंटर की योजना पर जोर दिया गया।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 23 June 2026, 9:13 PM IST

Maharajganj: जनपद में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उनमें हो रही मौतों को लेकर जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक में डीएम ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी किए।

डीएम ने सड़क दुर्घटनाओं पर जताई चिंता

बैठक में यातायात निरीक्षक द्वारा बताया गया कि मई 2026 में जनपद में कुल 32 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 26 लोगों की मौत हो गई जबकि 8 लोग घायल हुए। आंकड़ों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल आंकड़े नहीं बल्कि परिवारों की अपूरणीय क्षति हैं। इन्हें रोकने के लिए सभी विभागों को समन्वित और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी।

समीक्षा के दौरान महराजगंज-ठूठीबारी मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने पर जिलाधिकारी ने एनएच पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण स्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और अन्य सुरक्षा इंतजाम तत्काल सुनिश्चित किए जाएं।

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अधिकारियों को दिए गए निर्देश

डीएम ने लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर जल्द सुधारात्मक कार्य पूरा किया जाए। इन स्थानों पर साइन बोर्ड, रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप, स्पीड ब्रेकर, कैट आई और चेतावनी संकेतक लगाए जाएं ताकि वाहन चालकों को दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की समय रहते जानकारी मिल सके। साथ ही ब्लैक स्पॉट्स के आसपास हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

कई ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित

बैठक में एआरटीओ ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में मौत के मामलों में इस माह 9 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि 22 अन्य लाइसेंसों के निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी गई है। डीएम ने प्रवर्तन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए।

घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने फरेंदा क्षेत्र में ट्रामा सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद शुरुआती "गोल्डन ऑवर" में उपचार मिलने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।

स्कूल वाहनों की सुरक्षा के निर्देश

स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि बिना फिटनेस प्रमाणपत्र वाले स्कूल वाहनों को तत्काल सीज किया जाए और सभी शिक्षण संस्थानों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई।

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बैठक में हाईवे से जुड़े संपर्क मार्गों पर स्पीड ब्रेकर लगाने, सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में अधिशासी अभियंता राजकुमार मिश्रा, सहायक परिवहन अधिकारी मनोज सिंह, डीआईओएस प्रदीप शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Location :  Maharajganj

Published :  23 June 2026, 9:13 PM IST