
डुमरी विधायक जयराम महतो (Img: Dynamite News)
Deoghar: झारखंड की राजनीति इन दिनों एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां हर घंटे समीकरण बदलते दिख रहे हैं। वजह हैं राज्यसभा की दो अहम सीटें, जिन पर सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक सभी की नजरें टिकी हुई हैं। चुनाव भले औपचारिक प्रक्रिया हो, लेकिन इसके भीतर सत्ता संतुलन, भविष्य की रणनीति और राजनीतिक संदेश छिपे हुए हैं।
पिछले कई दिनों तक झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के बीच राज्यसभा सीटों को लेकर खुली खींचतान देखने को मिली। JMM की ओर से दोनों सीटों पर दावा मजबूत बताया जा रहा था, जबकि कांग्रेस भी अपने उम्मीदवार को लेकर पूरी तैयारी में थी।
सूत्रों के अनुसार, स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब दोनों दलों के बीच संभावित सहमति टूटती नजर आई। लेकिन बाद में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेतृत्व के बीच हुई बैठकों ने माहौल बदल दिया। अब दोनों दल एक-एक सीट पर सहमति बनाते हुए संयुक्त रणनीति के तहत नामांकन की तैयारी में हैं।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, सत्ता पक्ष के पास दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद “अतिरिक्त वोट गणित” को लेकर चर्चाएं तेज हैं। रांची से लेकर दिल्ली तक यह सवाल गूंज रहा है कि क्या क्रॉस वोटिंग का खतरा किसी बड़े राजनीतिक संकेत की ओर इशारा कर रहा है? यही वजह है कि यह चुनाव केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि शक्ति प्रदर्शन बन गया है।
सबसे ज्यादा चर्चा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की रणनीति है। पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, हालांकि अंदरूनी बैठकों का दौर लगातार जारी है। सूत्रों के मुताबिक, एनडीए विधायकों से हस्ताक्षर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और संभावित नामों में परिमल नाथवाणी का नाम प्रमुख बताया जा रहा है। लेकिन पार्टी की ओर से चुप्पी ने राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसी बीच देवघर पहुंचे विधायक टाइगर जयराम महतो ने भी राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राज्य की हर राजनीतिक गतिविधि पर नजर रख रही है। उन्होंने साफ संकेत दिया कि यह चुनाव केवल सीटों का मामला नहीं, बल्कि झारखंड की भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाला अहम घटनाक्रम है।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनाव ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के भीतर छिपे अविश्वास, महत्वाकांक्षा और शक्ति संतुलन को उजागर कर दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या JMM और कांग्रेस की यह एकजुटता आगे भी बनी रहेगी? या BJP की रणनीतिक चुप्पी किसी बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है?
Location : Deoghar
Published : 8 June 2026, 1:27 PM IST