चंबल के बीहड़ों में कभी चलता था डकैतों का फरमान: बंदूक की आवाज ही कानून होती थी, फिर संसद तक पहुंची आवाज
चंबल के बीहड़ में बंदूक के दम पर अपना दबदबा कायम करने वाले दस्यु गिरोहों की कहानी सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं रही। जातीय पहचान, ग्रामीण सत्ता, चुनावी बाहुबल और बाद में फूलन देवी जैसे पूर्व दस्युओं का राजनीति में प्रवेश इन सबने चंबल और उत्तर प्रदेश की सियासत के बीच एक दिलचस्प कनेक्शन बनाया। जानिए, बीहड़ से लेकर संसद तक पहुंची इस कहानी ने यूपी की राजनीति को किस तरह प्रभावित किया।