साइबर ठगी पर बड़ा प्रहार: व्हाट्सऐप ने हटाए हजारों अकाउंट्स, साइबर ठगों में हड़कंप

व्हाट्सऐप ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 9,400 से अधिक अकाउंट्स हटाए हैं। केंद्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार यह कदम जाली दस्तावेज और पुलिस का डर दिखाकर ठगी करने वाले संगठित साइबर नेटवर्क के खिलाफ उठाया गया है। जांच में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और नए सुरक्षा उपायों का भी खुलासा हुआ है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 29 April 2026, 8:45 PM IST

New Delhi: मेटा की मैसेजिंग सेवा व्हाट्सऐप ने जनवरी 2026 में शुरू की गई एक व्यापक जांच के बाद बड़ा कदम उठाते हुए 'डिजिटल अरेस्ट' धोखाधड़ी और फर्जी पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर लोगों को ठगने वाले 9,400 खातों को हटा दिया है। यह जानकारी केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल रिपोर्ट के जरिए सामने आई है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने इस पूरे मामले की निगरानी की। अदालत को दी गई जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई जाली दस्तावेजों और मानसिक उत्पीड़न से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी को रोकने के उद्देश्य से की गई है। इस अभियान में कई तकनीकी और कानूनी एजेंसियों ने मिलकर काम किया, जिससे साइबर अपराधियों पर दबाव बढ़ा है।

जांच में सामने आया संगठित और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क

गहन जांच में सामने आया कि इन धोखाधड़ी गतिविधियों का बड़ा हिस्सा दक्षिण-पूर्व एशिया, विशेष रूप से कंबोडिया जैसे देशों से संचालित हो रहा था। ये नेटवर्क समान पैटर्न पर काम करते हैं, जिनमें एक जैसे नाम, बार-बार इस्तेमाल की गई प्रोफाइल तस्वीरें और समन्वित समूह गतिविधियां शामिल होती हैं।

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शुरुआत में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 के तहत लगभग 3,800 अकाउंट्स चिह्नित किए गए थे, लेकिन विस्तृत विश्लेषण के बाद यह संख्या बढ़कर 9,400 तक पहुंच गई। जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से केवल कुछ ही अकाउंट सीधे तौर पर डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी से जुड़े थे, जबकि बाकी एक बड़े परस्पर जुड़े नेटवर्क का हिस्सा थे। इस खुलासे ने साइबर अपराध की व्यापकता को उजागर किया है।

तकनीक और सुरक्षा उपायों में बड़ा बदलाव

व्हाट्सऐप ने इस तरह की धोखाधड़ी रोकने के लिए अपनी सुरक्षा व्यवस्था को काफी मजबूत किया है। कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और लार्ज लैंग्वेज मॉडल आधारित सिस्टम का उपयोग शुरू किया है, जो फर्जी प्रोफाइल और प्रतिरूपण पैटर्न की पहचान करते हैं। इसके अलावा, उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए अज्ञात नंबरों से आने वाले संदेशों पर अलर्ट, प्रोफाइल छिपाने की सुविधा और रीयल-टाइम पहचान प्रणाली जैसे फीचर्स लागू किए गए हैं।

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सरकार भी सिम-बाइंडिंग और बायोमेट्रिक पहचान सत्यापन प्रणाली लागू करने की दिशा में काम कर रही है, जिसे आने वाले महीनों में लागू किया जाएगा। व्हाट्सऐप ने यह भी सहमति दी है कि हटाए गए खातों का रिकॉर्ड कम से कम 180 दिनों तक सुरक्षित रखा जाएगा ताकि जांच एजेंसियों को सहायता मिल सके।

Location :  New Delhi

Published :  29 April 2026, 8:36 PM IST