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फोन का Airplane Mode (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: स्मार्टफोन आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसके साथ ही इससे जुड़ी सेहत और रेडिएशन को लेकर कई सवाल भी उठते रहते हैं। इन्हीं में एक बड़ा सवाल यह है कि क्या Airplane Mode ऑन करने से स्मार्टफोन से निकलने वाला रेडिएशन पूरी तरह बंद हो जाता है? इस विषय को लेकर लोगों में काफी गलतफहमियां भी फैली हुई हैं। आइए समझते हैं इसकी पूरी सच्चाई।
स्मार्टफोन कॉल करने, मैसेज भेजने और इंटरनेट चलाने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सिग्नल का इस्तेमाल करता है। जब फोन मोबाइल टावर, Wi-Fi राउटर या ब्लूटूथ डिवाइस से जुड़ता है, तो वह इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन उत्सर्जित करता है। इसी रेडिएशन को लेकर अक्सर चिंता जताई जाती है।
हालांकि वैज्ञानिक संस्थाओं के अनुसार स्मार्टफोन से निकलने वाला रेडिएशन नॉन-आयोनाइजिंग श्रेणी में आता है, जो एक्स-रे या गामा किरणों की तरह शक्तिशाली नहीं होता।
जब आप अपने फोन में Airplane Mode सक्रिय करते हैं, तो डिवाइस के लगभग सभी वायरलेस कम्युनिकेशन फीचर्स बंद हो जाते हैं। इसमें मोबाइल नेटवर्क, कॉलिंग, SMS, मोबाइल डेटा, Wi-Fi और ब्लूटूथ शामिल होते हैं।
इस स्थिति में फोन किसी भी मोबाइल टावर या नेटवर्क से संपर्क नहीं करता। इसलिए रेडियो फ्रीक्वेंसी सिग्नल का उत्सर्जन काफी हद तक रुक जाता है। इसी कारण Airplane Mode को रेडिएशन कम करने का आसान तरीका माना जाता है।
इसका सीधा जवाब है- नहीं, हमेशा नहीं। यदि Airplane Mode ऑन करने के बाद भी Wi-Fi या Bluetooth को दोबारा चालू कर दिया जाए, तो फोन फिर से वायरलेस सिग्नल भेजना शुरू कर देता है। ऐसे में कुछ मात्रा में रेडिएशन जारी रह सकता है।
लेकिन अगर Airplane Mode के साथ सभी वायरलेस कनेक्शन बंद रखे जाएं, तो RF रेडिएशन लगभग शून्य के करीब पहुंच जाता है।
बहुत से लोग रात को सोते समय अपने फोन को Airplane Mode पर रख देते हैं। इसके पीछे दो मुख्य कारण होते हैं। पहला, इससे अनावश्यक कॉल और नोटिफिकेशन नहीं आते, जिससे नींद में बाधा नहीं पड़ती। दूसरा, फोन लगातार नेटवर्क से कनेक्ट रहने की कोशिश नहीं करता, जिससे रेडिएशन का स्तर कम होता है।
इसके अलावा, इससे बैटरी की खपत भी कम होती है और फोन ज्यादा देर तक चार्ज रहता है।
हाँ, Airplane Mode ऑन करने पर बैटरी की बचत होती है। जब फोन मोबाइल नेटवर्क खोजने या डेटा ट्रांसमिट करने में ऊर्जा खर्च नहीं करता, तो बैटरी धीरे-धीरे खर्च होती है। यही वजह है कि लोग यात्रा के दौरान या कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में भी इस फीचर का उपयोग करते हैं।
Location : New Delhi
Published : 9 June 2026, 11:34 AM IST
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