जानिए..उन अधिकारी के बारे में जिनके लिए धरने पर बैठी हैं ममता बनर्जी

कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को सपोर्ट करती हुई पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरने पर बैठ गई हैं। डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट में जानिए उन अधिकारी के बारे में जिसके लिए धरने पर बैठी हैं ममता बनर्जी…

Post Published By: डीएन ब्यूरो
Updated : 4 February 2019, 11:49 AM IST

नई दिल्ली: सीबीआई रविवार शाम को कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर छापा मारने पहुंची थी। लेकिन छापा मारने से पहले ही कोलकाता की पुलिस ने सीबीआई अफसरों को धर लिया और विधान नगर थाने ले गई। पुलिस ने सीबीआई के अफसरों को हिरासत में ले लिया लेकिन बाद में छोड़ दिया।

जिसके बाद कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को सपोर्ट करती हुई पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरने पर बैठ गईं। पहले ममता बनर्जी कमिश्नर राजीव कुमार के घर गईं, जिसके बाद वह धरने पर बैठ गईं। बता दें कि ममता के साथ पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार भी धरने पर बैठे रहे।

यह भी पढ़ें: दीदी को मिला विपक्ष के विभिन्न दलों का समर्थन, ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर

कौन है राजीव कुमार जिनके लिए ममता पूरी रात धरने पर बैठीं रहीं?

ममता बनर्जी कोलकाला पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को दुनिया का सबसे ईमानदार अधिकारी मानती हैं। 2016 में सुरजीत कर पुरकायस्थ को प्रमोट करते हुए सीआईडी डिपार्टमेंट भेजकर राजीव कुमार को कोलकाता का पुलिस कमिश्नर बनाया गया था। इसके पहले राजीव कुमार विधाननगर पुलिस कमिश्नरी में बतौर पुलिस कमिश्नर तैनात रह चुके हैं।

यह भी पढ़ें: कोलकाता में धरने पर बैठी ममता बनर्जी ने कहा-मर जाऊंगी, लेकिन झुकूंगी नहीं

वहीं राजीव कुमार 1989 बैच के पश्चिम बंगाल कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी हैं। इसी के साथ वह केलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) चीफ के रूप में भी काम कर चुके हैं। राजीव कुमार ने 2013 में हुए शारदा और रोज वैली चिटफंड घोटाला मामले की जांच करने वाली स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का भी नेतृत्व किया था।

इस मामले में सीबीआई ने कई अहम दस्तावेजों के कथित तौर पर गायब होने पर राजीव कुमार और बाकी अधिकारियों से मामले की जांच में सहयोग करने को कहा था। लेकिन वह पूछताछ के लिए सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए। इसी के साथ बता दें कि शारदा और रोज वैली चिटफंड का मामला पश्चिम बंगाल का बहुचर्चित मामला है। जिसमें तृणमूल कांग्रेस के कई नेता भी आरोपी हैं और कई नेताओं को जेल भी भेजा जा चुका है।
 

Published : 
  • 4 February 2019, 11:49 AM IST