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कोल्हुई (महराजगंज): क्या महराजगंज पुलिस की नजरों में घूसखोरी की सजा सिर्फ लाइन हाजिर होना है? यह सवाल इन दिनों जिले में हर कोई एक दूसरे से पूछ रहा है।
कोल्हुई थाने के बहदुरी बीट पर तैनात सिपाही श्याम नारायण यादव की घुसखोरी एक आडियो वायरल हुआ था। इलाहाबास निवासी महिला कैलाशी देवी ने एसपी को शिकायती पत्र देकर जमीन पर अवैध कब्जे के सम्बन्ध में कोल्हुई थानेदार और बहदुरी चौकी पर तैनात सिपाही श्याम नारायण पर दो लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। इस रकम में से पीड़िता ने 35000 रुपये दे भी दिए।
फिर भी काम नहीं हुआ तो पीड़िता ने पैसे वापस मांगे जिस पर सिपाही ने कहा और पैसे दो।
डाइनामाइट न्यूज़ ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद दबाव में आये अफसरों ने मामले की जांच सीओ फरेंदा को सौंपी और कार्यवाही के नाम पर सिपाही का तबादला लाइन में किया गया।
क्या इस बात की कोई जांच होगी कि इस मामले में जिस थानेदार पर आरोप लगा उसकी क्या भूमिका है? क्या अवैध धनउगाही का खेल थाने तक ही है या इसका हिस्सा कहीं और भी बंटता है? इन सबकी जांच कौन करेगा?
कैलाशी देवी ने एसपी को दिए शिकायत पत्र में आरोप लगाया था कि आराजी संख्या 123 रकबा 0.030 हेoभूमि स्थित है जिस पर बगलगीर निशा खातून शेर अली, जोगिंदर, रबीन्द्र जबरदस्ती दबंगई के बल पर उसके जमीन पर कब्जा करना चाहता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि सीओ की जांच में क्या निष्पक्ष जांच होगी और उपर तक के दोषियों की गर्दन नपेगी या फिर सब लीप-पोत कर बराबर कर दिया जायेगा?
Published : 16 February 2023, 5:15 PM IST
Topics : आडियो वायरल कोल्हुई घूसखोर तस्कर नेपाल सीमा पुलिस महराजगंज लाइन हाजिर सजा सिपाही
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