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गजियाबाद: सात मार्च 2006 को वाराणसी में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे जिनमे 18 लोगों की मौत और डेढ़ सौ से अधिक लोग घायल हुए थे।
करीब 16 साल बाद गाजियाबद जिला कोर्ट ने वलीउल्लाह को वाराणसी बमकांड का दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। एक अन्य मामले में वलीउल्लाह को उम्र कैद की सजा सुनाई गई।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा ने बताया कि पहला बम धमाका 7 मार्च 2006 को शाम 6.15 बजे संकटमोचन मंदिर में हुआ था जिसमें सात लोग मारे गए थे और 26 घायल हुए थे।
इसके बाद 6.30 बजे दशाश्वमेध मार्ग पर कुकर बम मिला था। पांच मिनट बाद 6.35 बजे कैंट रेलवे स्टेशन पर प्रथम श्रेणी विश्राम कक्ष के सामने धमाका हुआ था। यहां 9 लोग मारे गए थे और 50 घायल हुए थे।
मामले में चार अन्य आतंकियों के नाम सामने आए थे। एक आतंकी व बम धमाके का मास्टरमाइंड मोहम्मद जुबैर कश्मीर में हुए मुठभेड़ में मारा जा चुका है। जबकि तीन बांग्लादेशी आतंकी जकारिया, मुस्तकीम और वशीर देश छोड़कर बांग्लादेश भाग चुके हैं।
16 साल पहले हुए बमकांड के आरोपी वलीउल्लाह को दोषी पाए जाने के बाद घटना के बाद पीड़ित, परिवारों और गवाहों की यही मांग थी कि वलीउल्लाह को सजा-ए-मौत की सजा मिले। फांसी की सजा से कम कुछ भी मंजूर नहीं।
Published : 6 June 2022, 5:14 PM IST
Topics : Ghaziabad District Court Valiullah Varanasi Serial Blast Case गाजियाबाद जिला कोर्ट फांसी की सजा बमकांड वलीउल्लाह वाराणसी
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