
सिद्धार्थनगर: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले का ऐतिहासिक और प्रसिद्ध काला नमक चावल अपने स्वाद, सुगंध और पोषक तत्वों के चलते देश-विदेश में पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है।
जिले में काला नमक चावल की खेती करने वाले किसानों को उनके उत्पाद की बेहतर कीमत दिलाने और इस चावल को वैश्विक बाजार में पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन 22-23 दिसंबर को दो दिवसीय बायर-सेलर मीट का आयोजन कर रहा है।
बड़े चावल कारोबारी होंगे शामिल
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक, जिला मुख्यालय पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में दिल्ली, गुजरात, बेंगलुरु, मुंबई और तमिलनाडु सहित देश के विभिन्न हिस्सों के बड़े चावल कारोबारी शामिल होंगे।
लोगों को बढ़ी उम्मीदें
जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे इस प्रयास से स्थानीय लोगों को उम्मीद जगी है कि इस तरह इसकी ब्रांडिंग और किसानों के सीधे खरीददारों से जुड़ने से इस ऐतिहासिक चावल के उत्पादन में और बढ़ोतरी होगी और किसानों को उनके मेहनत की बेहतर कीमत भी मिल सकेगी।
जिलाधिकारी ने दी जानकारी
जिलाधिकारी राजा गणपति आर ने बताया कि काला नमक चावल के किसानों को उचित बाजार और मूल्य दिलाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि बायर-सेलर मीट में व्यापारी सीधे किसानों से जुड़कर व्यापार को बढ़ावा देंगे, जिससे किसानों की आय में सुधार होगा और काला नमक चावल की खेती को नई पहचान मिलेगी।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के तहत सिद्धार्थनगर को काला नमक चावल के लिए चयनित किया गया है। भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में मशहूर यह चावल वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सके, इसके लिए जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है।
Published : 15 December 2024, 3:08 PM IST
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